पैर हिलाना व चाबी को घुमाना अशुभ?

tejwani girdhar

आपने देखा होगा कि अमूमन कई लोग पलंग या कुर्सी पर बैठे हुए पैर हिलाते हैं या अंगुली में चाबी घुमाते हैं। भारतीय परंपरा में इसे अषुभ माना जाता है और ऐसा न करने की सलाह दी जाती है। हालांकि इसे वैज्ञानिक दृश्टि से प्रमाणित नहीं माना जाता, मगर लोकविश्वास, शिष्टाचार और मनोवैज्ञानिक दृष्टि इसके अर्थ निकाले जाते हैं। भारतीय लोकमान्यता के अनुसार पैर हिलाने को चंचलता या अस्थिरता का संकेत माना जाता है। बुजुर्ग कहा कहते हैं कि इससे लक्ष्मी नहीं ठहरती। यह मन के भटकाव का संकेत माना जाता है। इसे सामने बैठे व्यक्ति के प्रति असम्मान भी कहा जाता थे। अंगुली में चाबी का छल्ला घुमाने को भी अच्छा नहीं माना जाता। मानते हैं कि इससे विवाद हो सकता है। इससे यह संकेत मिलता है कि मन में बेचैनी व अधीरता है। ऐसा माना जाता है कि व्यक्ति भौतिक रूप से मौजूद है, मगर उसका मन कहीं और है। भीतर ही भीतर कुछ चल रहा है। कोई न कोई चिंता है। मनोविज्ञान कहता है कि पैर हिलाना या चाबी घुमाना तनाव व बेचैनी का द्योतक है। इससे आंतरिक ऊर्जा का क्षय होता है। वह अनजाने में व्यर्थ ही बाहर निकालती है। षास्त्रीय दृश्टि से यह भले ही अशुभ नहीं हो, मगर सार्वजनिक जगह पर
शिष्टाचार की दृष्टि से अनुचित है। यदि व्यक्ति सचेत, स्थिर और संयमित रहने का अभ्यास करे, तो ये आदतें स्वतः कम हो सकती हैं।

 

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