कपड़े के घोड़े को आकाश में उड़ाना

दलितों-गरीबों और अल्पसंख्यकों के मसीहा—बाबा रामदेवजी
रामदेवजी ने राजा बनकर नही अपितु जनसेवक बनकर गरीबों, दलितों, असाध्य बीमारियों से पीड़ित रोगियों व जरुरत मंदों की हर सम्भव से सहायता और सेवा की। दलित कन्या डाली बाई को रामदेवजी ने अपने घर के अन्दर बेटी की तरह उसका लालन-पालन किया | उन्होंने सैकड़ों दलितों का पोषण किया और उनकी सहायता सेवा की | इसीलिए आज भी असंख्य दलित समुदाय के लिये वे आराध्यदेवता हैं | रामदेवजी ने पोखरण की जनता को भेरव राक्षक से मुक्त कराया, रामदेव के हाथो राक्षक़ उनके सामने आत्मसमर्पण कर हमेशा के लिये मारवाड़ छोड़ कर चला गया |
प्रस्तुतिकरण———डा.जे.के.गर्ग
सन्दर्भ—– इतिहासकार मुंहता नैनसी का ग्रन्थ “मारवाड़ रा परगना री विगत”, मेरी डायरी के पन्ने,विभिन्न समाचार पत्र पत्रिकायें आदि | Visit our Blog—-gargjugalvinod.blogspot.in