मौसमी बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग मुस्तैद

bikaner samacharमलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, स्वाइन फ्लू व अन्य मौसमी बीमारियों के खिलाफ स्वास्थ्य प्रशासन द्वारा पुख्ता प्रबंधन किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. देवेन्द्र चैधरी ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र राठौड़ के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया गया है। सभी चिकित्सा संस्थानों पर चिकित्सकों व पैरामेडिकल नर्सिंग स्टाॅफ का मुख्यालय पर ठहराव सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये हैं। सभी सीएचसी, पीएचसी व उप स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर सघन सर्वे व एंटी लार्वल एक्टिविटी के साथ-साथ स्वास्थ्य कार्यकर्ताओ द्वारा स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम से आमजन को मलेरिया एवं मौसमी बीमारीयों के बचाव हेतु जानकारी प्रदान की जा रही है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेन्द्र राठौड़ के निर्देशानुसार मलेरिया पी.एफ. रोगी एवं डेंगू रोगी पाये जाने पर रोगी के आसपास के 50 घरों में पायरेथ्रम का फोकल स्प्रे करने के साथ ही आउटब्रेक की स्थिति में आवश्यक दवाईयां एवं चिकित्सकीय दल (रैपिड रेस्पोंस टीम) आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
सीएमएचओ ने बताया कि जिला स्तर के अलावा प्रत्येक बीसीएमओ कार्यालय व समस्त सीएचसी पर एक-एक फांेगिग मशीन सहित कुल 19 फोगिंग मशीनें उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि स्थानीय निकायों तथा जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय द्वारा चिन्ह्ति स्थानों पर सघन फोगिंग जारी है। शुक्रवार को बीकानेर शहरी क्षेत्र में रामपुरा बस्ती गली न.7, मुरलीधर व्यास कॉलोनी व म्यूजियम चैराहे के पास फोगिंग की गई। शनिवार को भी रामपुर बस्ती में फोगिंग जारी रहेगी।

जिला कंट्रोल रूम स्थापना
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. इंदिरा प्रभाकर ने बताया कि जिला स्तरीय टीम सहित कुल 7 रेपिड रेस्पोंस टीमें गठित की गई हैं जिसमें प्रशिक्षित चिकित्साधिकारी व नर्सिंग स्टाफ कोई मौसमी बीमारी की सूचना पर तुरन्त सर्वे व अन्य गतिविधियाँ कर उसे फैलने से रोकती है। जिला स्तर पर स्थापित कंट्रोल रूम 0151-2204989 पर सूचना प्राप्त कर तुरन्त कार्यवाही की जा रही है।

एंटी लार्वल एक्टिविटी
डाॅ. चैधरी ने बताया कि मच्छरों की रोकथाम का सबसे प्रभावी तरीका होता है एंटीलार्वल एक्टिीविटी जिसके तहत् मच्छरों को पनपने से ही रोक दिया जाता है। इस क्रम में बीकानेर शहरी क्षेत्र की टीम ने 280 घरों का सर्वे करते हुए 5 स्थानों पर गंदे पानी के इकट्ठा होने पर एमएलओ/काला तेल छिड़काव, 303 पेयजल स्रोतों में टेमीफोस तथा 4 जल स्त्रोंतो में मच्छर का लार्वा खाने वाली गम्बूशिया मछली डलवाने का कार्य किया गया। जिले में गम्बूशिया मछली की 392 हैचरियां कार्यरत हैं जिनमें गम्बूशिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश जारी किए गए है।

जिले में डेंगू-मलेरिया की स्थिति
सीएमएचओ ने जानकारी दी कि फील्ड स्तर पर ए.एन.एम. के साथ-साथ आशा सहयोगिनियों को भी ब्लड स्लाइड बनाने की टेंªनिग दे दी गई है। जिलें में दिनांक 01.01.2016 से दिनांक 16.09..2016 तक 2,07,161 ब्लड स्लाईड बनाकर जाँच की गई है जिसमें जिले में 2 मलेरिया पी.एफ व 95 पी.वी. रोगी पहचान हुए है जिनका आमूल उपचार (आर टी) पूर्ण कर दिया गया है। इस साल एलाइजा टेस्ट में बीकानेर का एक भी डेंगू केस नहीं आया है।

जनचेतना
जिला टीम में शामिल दाऊलाल ओझा द्वारा शहरी क्षेत्र में माइकिंग व पैम्फलेट वितरण द्वारा मौसमी बीमारियों से बचाव का सन्देश दिया जा रहा है। शनिवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, रामपुरा बस्ती में बच्चों को मलेरिया डेंगू रोकने में उनकी भूमिका के बारे में बताया गया। जिला आई. ई. सी. समन्वयक मालकोश आचार्य ने जानकारी दी कि मौसम मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया फैलाने वाले मच्छरों के प्रजनन हेतु अनुकूल है अतः पक्षियों के लिए रखे जाने वाले परिंडों को सप्ताह में एक बार खाली कर उन्हें बर्तन साफ करने वाले झामे से रगड़ कर, साफ कर व सुखाकर मच्छर के अण्डे एवं लार्वा नष्ट कर पुनः भरा जाये। कूलर, फ्रीज के पीछे की ट्रे, गमले, फूलदान इत्यादि हेतु भी यही प्रक्रिया अपनानी जानी चाहिए। इसके साथ ही छत पर रखे टूटे-फूटे सामान, कबाड़-टायर इत्यादि को हटाकर पानी इक्कठा होने से रोका जाये। पानी की टंकी एवं अन्य बर्तनों को ढंक कर रखा जाये जिससे मच्छर उनमें प्रवेश कर प्रजनन न कर सकें।
डाॅ. देवेन्द्र चैधरी के अनुसार जिले में इस समय तक किसी प्रकार की माहमारी का प्रकोप नहीं हुआ हैं समस्त चिकित्सालयों/सीएचसी/पीएचसी पर आवश्यक जीवन रक्षक औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। प्रत्येक सोमवार जिला कलक्टर की अध्यक्षता में मौसमी बीमारियों की समीक्षा कर तत्काल आदेश निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
— मोहन थानवी

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