नाटक से किया बाल विवाह की कुरूतियों से जागृत

आनासागर जेट्टी पर गणेश महोत्सव में हुआ बलिका वधू नाटक का मंचन
अजमेर। बाल विवाह करना समाज और परिवार के लिए कितना घातक है। साथ ही बाल विवाह की भेंट चढने वाली बालिका का जीवन किन कठिनाईयों से गुजरता है। इसी को दर्शाते हुए बुधवार की शाम आनासागर चौपाटी स्थित जेट्टी पर बालिका वधू नाटक का मंचन किया गया। यूनाईटेड अजमेर और अजमेर कलाकार संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस नाटक में बाल विवाह से होने वाले कुरूतियों से लोगों को जागृत करने के साथ ही कन्या भ्रूण हत्या रोकने, जल स्वावलम्बन, बेटी बचाओ-बेटी पढाओ सहित अनेक ज्वलंत मुद्दों के प्रति आमजन को जागृत किया गया। गणेश महोत्सव के अन्तर्गत आयोजित नाटक के लेखक और निर्देशक गोपाल बंजारा ने किया। नाटक की शुरूआत में सभी कलाकारों ने पहले प्रथम आराध्य भगवान गणेशजी का वंदन किया। इसके बाद नाटक शुरू किया गया। इसमें कलाकारों की संवाद अदायगी और अभिनय ने नाटक को जीवंत कर दिया। इस दौरान बालिका वधू के जीवन में आने वाले संकटों को देखकर दर्शकों की अश्रुधारा बहने लगी। नाटक में किरण शर्मा ने बालिका वधू की प्रभावी भूमिका निभाई, वहीं ज्योति शर्मा ने सहेली, रश्मि मिश्रा ने बालिका वधू की मां, गोपाल बंजारा ने बालिका वधू के पिता, धर्मराज यादव ने वर के भाई, कृष्णगोपाल पाराशर ने वर के पिता, रेखा शर्मा ने वर की माता, शशिकांत शर्मा ने वर के मामा, महेश वैष्णव ने पूजारी, विजय गोयल ने पुलिस व राजेश शर्मा ने बाराती का रोल निभाकर अपने हास्य और व्यंग्य से सभी को खासा प्रभावित किया। नाटक में त्रिलोक शर्मा ने संगीत दिया जबकि श्रीमती हेतल ने रूप सज्जा और राजेश पवार ने पाश्र्व सहयोग प्रदान किया। नाटक के बाद सभी को संकल्प दिलाया गया कि ना तो वे बाल विवाह होने देंगे और ना ही किसी को करने देंगे।

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