बीकानेर, 28 अक्टूबर। राजस्थान अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष विकेश खोलिया ने कहा कि शिक्षा के मंदिरों का विकास करने में सहयोग करने वाले भामाशाह समाज के लिए सच्चे प्रेरक है।
खोलिया शनिवार को शिवबाड़ी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के मुख्यद्वार तथा नवनिर्मित कक्षा कक्ष उद्घाटन व भामाशाह सम्मान समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि इन भामाशाहों को सम्मान करना उनके लिए गौरव की बात है। इनके सहयोग से स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतरीन सुविधाएं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के नवाचारों से नामांकन बढ़ा है तथा सरकारी विद्यालय निजी विद्यालयों के साथ प्रतिस्पद्र्धा कर पाने में सक्षम हुए हैं। सरकारी स्कूलों से निकलकर विद्यार्थी बड़े से बड़े ओहदों तक पहुंचे हैं। बच्चे ऐसी प्रतिभाओं से प्ररेणा लें और पूरी मेहनत से अपना तथा देश के भविष्य को मजबूत बनाने में अपनी महती भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर संसदीय सचिव डाॅ विश्वनाथ मेघवाल ने कहा कि इन भामाशाहों ने पुनः जड़ों से जुड़ते हुए विद्यालय के विकास के लिए कार्य करवा समाज सेवा का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया है। भामाशाहों का यह सहयोग आने वाली पीढ़ियों के लिए बहुत बड़ा तोहफा है। विद्यार्थियों को सफलता के मंत्र देते हुए उन्होंने कहा कि असफलता से मनोबल को कमजोर न होने दें बल्कि अपनी कमियों को तलाश कर उन्हें दूर करें। जिज्ञासा और जूनूनू हो तो जीत निश्चित है। विद्यार्थी अपने लक्ष्य तय करें और असफलता से सीख लेते हुए प्रयास जारी रखें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से वर्तमान में प्रत्येक ग्राम पंचायत में उच्च माध्यमिक विद्यालय है। सरकारी स्कूलों के अनुभवी, योग्य शिक्षकों से इन विद्यालयों का परिणाम सुधरा है।
कार्यक्रम में नगर विकास न्यास अध्यक्ष महावीर रांका ने कहा कि भामाशाहों के योगदान से अन्य लोगों को भी ऐसे कार्य करने का प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने शिवबाड़ी क्षेत्र के लोगों के यूआईटी सम्बंधी कार्य भी जल्द पूरे करवाने का आश्वासन दिया। समारोह में भामाशाह डूंगरमल धोलखेड़िया, शिवकुमार धोलखेड़िया, कैलाशचंद धोलखेड़िया व श्रीकिशन धोलखेड़िया का साफा, माला व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या उर्वशी शर्मा ने बताया कि इन चारों भामाशाहों द्वारा विद्यालय में चार कक्षा कक्ष व मुख्य द्वार का निर्माण करवाने से विद्यार्थियों को बहुत सुविधा हो सकेंगी। प्रधानाचार्या ने विद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए समस्त आगन्तुकों का आभार प्रकट किया।
डा. दिगम्बर सिंह के निधन पर जताया शोक
मेघवाल ने पूर्व मंत्री और बीस सूत्री कार्यक्रम के उपाध्यक्ष डाॅ दिगम्बर सिंह के निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए शोक जताया और लोकार्पण समारोह में बिना फीता काटे ही नवनिर्मित कक्ष और मुख्यद्धार विद्यालय को समर्पित किया।
कार्यक्रम में ब्रजेश चांदोलिया, लखीराम बीबान, डाॅ ओमप्रकाश धोलखेड़िया, जेठमल, राजेन्द्र प्रसाद, पन्नालाल, सत्यानारायण धोलखेड़िया, डाॅ ब्रिजेन्द्र, चन्द्र प्रकाश सिंघल, सहित अन्य गणमान्य नागरिक, विद्यालय के रामकिशन, कुलदीप, मलकीत सिंह, सिकन्दर यादव व सम्पूर्ण स्टाफ तथा विद्यार्थी उपस्थित थे।