जिस घर में नारी का सम्मान होता है,वहां देवता वास करते है-पुरोहित

तीन महिलाओं का हुआ सम्मान

DSC_9568बीकानेर,8 नवम्बर। सर्वधर्म सेवा विभूति सम्मान समारोह का शुभारंभ रानी बाजार गौड़ सभा में भगवान परशुराम के चित्र के सामने दीप प्रज्जवलित कर,मंत्रोचार के साथ बुधवार को हुआ। समारोह में उल्लेखनीय समाज सेवा करने वाली तीन महिलाओं का ’नारी शक्ति’ के रूप में सम्मान किया गया।
सागर विद्यापीठ के अधिष्ठता रामेश्वरानंद पुरोहित के मुख्य आतिथ्य में हुए कार्यक्रम में हाजी अब्दुल सतार ने कहा कि संगठित समाज ही समाज को दिशा देता है। सामाजिक संगठनों को पिछडे़ और शोषित वर्ग के उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए।
इस अवसर पर सागर विद्यापीठ के अधिष्ठता पुरोहित ने कहा कि राजनैतिक से ऊपर उठकर हमें सामाजिक उत्थान के लिए काम करने वालों को प्रोत्साहित करना चाहिए। विभिन्न समाज में ऐसे बहुत से लोग है,जो विभिन्न राजनैतिक विचारधार से जुड़े है,सामाजिक संगठनों को चाहिए कि वे ऐसी विभूतियों को आगे लाए,जो सबके उत्थान में लगे है। उन्होंने कहा कि नारी को दुर्गा,काली और सरस्वती का रूप माना गया है। आज हर क्षेत्र में महिलाएं अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रही है। इन्हें कम नहीं आंकना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस घर में नारी का सम्मान नहीं होता,वहां देवता वास नहीं करते। उन्होंने कहा कि बच्चों में संस्कार परिवार से मिलते हैं और यह कार्य नारी ही करती है।
इस अवसर पर अतिथियों ने सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर श्रीमती सुनीता गौड़,डाॅ.मीना आसोपा और कल्याण फाउण्डेशन की कामिनी भोजक का और पण्डित गायत्री प्रसाद का शाॅल ओढाकर,स्मृति चिन्ह तथा श्रीफल प्रदान कर सम्मान किया। कार्यक्रम के संयोजक श्री ऊॅंबन्ना टायगर फोर्स पश्चिम क्षेत्र के अध्यक्ष पहलाद जोशी ने अतिथियों का स्वागत व सम्मान किया और संगठन के उदेश्यों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर श्री ऊॅंबन्ना टायगर फोर्स के सुरजभान सिंह,वीरेन्द्र सिंह,रघवीर उपाध्याय,पुखराज पाईवाल,मनोज सुथार व किसन सोनी ने भी विचार रखे।

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