रचनाएं 31 अगस्त 2018 तक आमंत्रित

बीकानेर 1 अगस्त 2018 । सिंधी साहित्य की महत्वपूर्ण पांडुलिपियां, पुरानी प्रकाशित पुस्तकें सिंधियत की धरोहर के रूप में राजस्थान सिंधी अकादमी संरक्षित करेगी । इस संबंध में अकादमी के अध्यक्ष राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त श्री हरीश राजानी ने योजना बनाई है । बीकानेर में सिंधी बहुभाषी साहित्यकार मोहन थानवी को 1 अगस्त 2018 को जारी अकादमी के पत्र में अकादमी के सचिव श्री ईश्वर लाल मोरवानी ने योजना का खुलासा करते हुए बताया कि सिंधी साहित्यकारों और सिंधीयत के प्रेमियों के घरों में रखी प्राचीन सिंधी साहित्य की पुस्तकें और पांडुलिपियों को अकादमी अपने यहां संरक्षित संवर्धित रखने के लिए संग्रह करेगी ऐसे साहित्यकारों कलाकारों और सिंधी भाषा साहित्य के प्रेमियों से अकादमी ने उनके यहां रखी सिंधी पुस्तकें व पांडुलिपियां को जमा करवाने की अपील की है ।सचिव मोरवानी ने बताया कि अध्यक्ष राजानी ने एक और योजना के तहत राजस्थान सिंधी अकादमी जयपुर द्वारा आर्थिक रुप से कमजोर हिंदी साहित्यकार और सभी साहित्यकारों की विधवाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने के लिए 31 अगस्त 2018 तक आवेदन आमंत्रित किए हैं इस योजना के तहत पात्र जरूरतमंद सिंधी साहित्यकारों अथवा ऐसे सिंधी साहित्यकारों की विधवाओं को अकादमी ₹10000 वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाएगी।
थानवी ने बताया कि अकादमी की वार्षिक पत्रिका रिहाण तथा कहानी नाटक आलेख प्रतियोगिता के लिए अंतिम तिथि 31 जुलाई 2018 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2018 की है। साथ ही प्रकाशन सहयोग योजना के तहत पांडुलिपियां/अनुवाद कार्य 31 अगस्त 2018 तक अकादमी जयपुर कार्यालय में आमंत्रित की गई हैं।

– मोहन थानवी
सिंधी ( बहुभाषी) साहित्यकार
9460001255

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