10 वर्षों से खेत पर जंजीरों में बंधा था हरपाल कुशवाह
घर वालों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण नहीं करा पा रहे थे इलाज
जानवरों से बदतर जिंदगी जी रहा था युवक
फ़िरोज़ खान
बारां 7 जून । शाहबाद ब्लॉक के देवरी कस्बे के पास टांडा कछियान गांव में पिछले 12 साल पहले हरपाल कुशवाहा भी आम लोगों की तरह अपनी जिंदगी जी रहा था । उसका भी एक छोटा सा परिवार था एक लड़का और पत्नी भी थी । लेकिन पिछले 10 साल से वह मानसिक रोगी हो गया था । जिसके बाद उसकी पत्नी अपने बच्चे को लेकर दूसरी जगह चली गई थी। जिसके बाद परिजनों ने उसका उपचार मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कराया । इसके बाद भी वह सही नहीं हो पाया। परिवार जनों की आर्थिक तंगी के चलते परिवार के लोग उसका उपचार महंगे अस्पतालों में कराने में सक्षम नहीं थे । जिसके बाद स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी शुक्रवार को मिली जिसके बाद कस्बा थाना थाने से हेड कांस्टेबल भान सिंह और पटवारी रमेश पोर्टर, कस्बा थाना स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टर सुरेंद्र मीणा अपनी चिकित्सक के साथ टांडा कछियान गांव पहुंचे और मानसिक विक्षिप्त रोगी हरपाल कुशवाहा को शाहाबाद चिकित्सालय में रेफर किया गया।
10 साल से जंजीरों में बंधा था युवक–
रोगी के भाई प्रकाश कुशवाहा ने बताया कि वह 10 साल पहले बीमार हो गया था और उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया था । जिसका इलाज ग्वालियर जाकर कई बार करवाया गया था । लेकिन आराम नहीं मिलने के कारण उसे आगे इलाज नहीं कराया गया हमारे परिवार की आर्थिक तंगी के चलते हम उच्च चिकित्सालयों में महंगे इलाज नहीं करा पा रहे थे और धीरे-धीरे उसकी स्थिति बिगड़ गई वह लोगों को परेशान करने लगा था । जिसके बाद हमने खेत पर एक पेड़ से उसे बांध दिया इस बात की सूचना स्थानीय लोगों के अलावा सभी जनप्रतिनिधियों को भी थी लेकिन किसी ने हमारी मदद नहीं की।
जानवरों की तरह गुजारे 10 साल—
पीड़ित हरपाल कुशवाहा पिछले 10 वर्षों से जानवरों से भी बदतर जिंदगी जी रहा था वह एक बबूल के पेड़ के नीचे लोहे की जंजीरों में बंधा रहता था । परिजन उसे सुबह-शाम खाना खिलाने जाते थे। वह न अपने तन पर कपड़ा पहनना पसंद करता था और ना ही किसी को अपने पास आने देता था। इसके चलते वह अकेला ही पेड़ से बंधा रहता था उसे सर्दी हो गर्मी हो या बरसात हो किसी भी रितु का कोई फर्क नहीं पड़ता था वह तपती धूप में बिना कपड़ों के जंजीरों से बना रहता था स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सुबह 4:00 बजे से ही वह भगवान के भजनों में लीन हो जाता था और भोर होने तक भगवान के भजनों को गाता रहता था जिसकी आवाज सुनकर ही ग्रामीण उठते थे.
10 वर्ष से मानसिक संतुलन ठीक नहीं था कई बार इलाज करा चुके हैं घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण अब हम इलाज कराने में सक्षम नहीं हैं हमारी सरकार और अधिकारियों से गुजारिश है कि इसे जब तक पागलखाने में रखा जाए तब तक यह सही ना हो जाए हमने सभी से मदद मांगी लेकिन किसी ने हमारी मदद नहीं की।
रोगी का भाई प्रकाश कुशवाहा
रोगी की जानकारी मिलते ही हम टांडा कछियान पहुंचे और वहां जाकर परिजनों की अनुमति से टांडा कछियान से हरपाल कुशवाहा को हमने इलाज के लिए शाहाबाद चिकित्सालय रेफर कर दिया है। वहां से कुछ अधिकारियों के आदेश अनुसार उसे रेफर किया जाएगा)
सुरेंद्र मीणा
कस्बाथाना चिकित्सा प्रभारी
सूचना मिली है कि टांडा का अभियान में कई वर्षों से मानसिक रोग से पीड़ित हरपाल कुशवाहा को कस्बा थाना चिकित्सा टीम ने शाहाबाद चिकित्सालय में रेफर किया है उसका इलाज डॉक्टर सतीश द्वारा किया जा रहा है उसके बाद ही पता चलेगा कि उसकी स्थिति क्या है उसी हिसाब से उसे आगे रेफर किया जाएगा)
भीम सिंह बागड़ी
ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी