जयपुर। अजमेर दरगाह में बम ब्लास्ट मामले के आरोपी भरत मोहन रातेश्वर की जमानत याचिका राजस्थान हाई कोर्ट ने मंगलवार को खारिज कर दी। राष्ट्रीय जांच एजंसी (एनआईए) ने बम ब्लास्ट के अन्य आरोपियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया था। भरत ने ने निचली अदालत से जमानत खारिज होने के बाद जमानत याचिका दाखिल की थी।
उल्लेखनीय है कि अजमेर दरगाह में 2007 में टिफिन में रखकर बम धमाके में आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। राजस्थान पुलिस और एटीएस के बाद एनआईए ने इस मामले की जांच शुरू की। विशेष मामला होने के कारण मामले की सुनवाई जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की खंडपीठ में चल रही थी। मंगलवार सुबह जस्टिस रस्तोगी ने मामले को गंभीर बताते हुए इस स्तर पर जमानत देने से इनकार कर दिया। एनआईए ने मामले में स्वामी असीमानंद सहित कुछ अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था।