अजमेर, 08 जनवरी। नवचयनित ग्राम साथिनों का प्रशिक्षण सहकार भवन सभागार में महिला अधिकारिता विभाग द्वारा आयोजित किया गया। इसमें महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया।
महिला अधिकारिता विभाग की उपनिदेशक श्रीमती विमलेश डेटाणी ने कहा कि विभाग के द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गा्रम साथिन की महत्वपूर्ण भूमिका है। साथिन अपने कर्तव्य का पालन कर समाज को नई दिशा देने में सक्षम है। वर्तमान परिपेक्ष्य में साथिनों के कार्य की विशेष आवश्यकता है। साथिन मानदेय प्राप्त ग्राम पंचायत स्तरीय कार्यकर्ता है । साथिन का चयन ग्राम सभा द्वारा किया जाता है। साथिन महिलाओं को विकास की मूलधारा से जोड़ने का कार्य करती हैं। समाज में महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच एवं जागरूकता पैदा करती है। ग्राम साथिन गांव की महिलाओं में महिलाओं के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करती है।
विभाग के प्रोटेक्शन ऑफिसर श्री रामकिशोर खदाव ने कहा कि महिलाओं को स्वंय की आत्म रक्षा करनी चाहिए। स्वंय आत्मनिर्भर बनकर समाज में एक आयाम स्थापित करना चाहिए। उन्होंने सरकार की विभिन्न महिला संरक्षण की योजनाओं, अधिनियम एवं नियमों के सार को उपस्थित नव चयनित साथिनों को समझाया। साथिनों को इस आधारभूत प्रशिक्षण के माध्यम से विभाग की रीति-नीति तथा कार्यप्रणाली से रूबरू करवाया गया।
संदर्भ व्यक्ति के रूप में वनस्टोप सेंटर की प्रबंधक सुश्री दुर्गा माहिच ने महिलाओं के कानूनी अधिकारों के संबंध में जानकारी प्रदान की। निराश्रित महिलाए स्वंय को सशक्त बनाकर एवं एक दूसरे के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करते हुए उन्हें समाज में आगे बढ़ने के लिये प्रेरित करना चाहिए। कार्यक्रम को संचालन प्रचेता श्रीमती कृष्णा शर्मा एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रचेता श्रीमती राजश्री आचार्य ने किया।