
अटल बिहारी राजनेता के साथ लेखक और कवि भी थे उन्होंने अनेकों पुस्तके एवं काव्य संग्रह लिखे जिनमे मेरी इक्यावन कविताएँ, मृत्यु या हत्या, अमर बलिदान (लोक सभा में अटल जी के वक्तव्यों का संग्रह), कैदी कविराय की कुंडलियाँ, संसद में तीन दशक, अमर आग है, सेक्युलर वाद, राजनीति की रपटीली राहें,बिन्दु बिन्दु विचार आदि मुख्य है। अटल बिहारी जी को अनेकों पुरस्कार और सम्मानों से नवाजा गया जिनमें प्रमुख हैं फ्रेंड्स ऑफ बांग्लादेश लिबरेशन वार अवॉर्ड , भारत रत्न आदि | वे वास्तव में एक महामानव ही थे जिनको इतिहास सदेव याद करेगा | लम्बी बीमारी के बाद जनप्रिय अटल जी 16 अगस्त 2018 को शाम 5 बजे पंचमहाभूत में विलीन हो गये | उनका समाधि स्थल राजघाट के पास शांति वन में बनाया गया जिसे स्मृति स्थल के रूप में जाना जाता है | में है। अटल जी की अस्थियों को देश की सभी प्रमुख नदियों में विसर्जित किया गया। अटल जी के 97 वें जन्मदिवस पर सभी भारतीय उन के श्रीचरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं |
डा. जे. के. गर्ग
पूर्व संयुक्त निदेशक कालेज शिक्षा , जयपुर
सन्दर्भ—-विभिन्न पुस्तकें, मेरी डायरी के पन्ने पत्रिकाएँ आदि |