युवा उच्च चरित्र निर्माण कर देश की दिशा एवं दशा बदलने में सक्षम-अनिल गुप्ता

केकडी 4 जनवरी(पवन राठी) / राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका—विषय पर राजकीय महाविद्यालय केकड़ी में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय शिविर के चौथे दिन भौतिक विज्ञान विभागाध्यक्ष अनिल गुप्ता के द्वारा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका विषय पर बौद्धिक व्याख्यान दिया गया। अनिल गुप्ता ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा का संबंध आयु से नहीं होता बल्कि युवा वह है जो सक्रिय हो और सदैव सीखने के लिए तत्पर हों। उन्होंने स्वयंसेवकों को एपीजे अब्दुल कलाम,विनोबा भावे के विभिन्न उदाहरण प्रस्तुत किए। उन्होंने स्वयंसेवकों से कहा कि जीवन में चाहे कितनी भी बाधाएं आए,उसे हिम्मत और हौसले के साथ ही पार करना चाहिए। उन्होंने एपीजे अब्दुल कलाम का उद्धरण- सपने वह नहीं जो नींद में आते हैं सपने वह है जो नींद नहीं आने देते -पर जोर देते हुए कहा कि युवाओं के लिए आसमान की कोई सीमा नहीं होती वह जो कुछ सोचते हैं उसे पूरा कर सकते हैं । युवा उच्च चरित्र निर्माण कर भारत के स्वरूप को बदलने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि हर नयी चीज का विरोध होता है जैसे रेलगाड़ी, कंप्यूटर का विरोध हुआ लेकिन धीरे-धीरे लोगों ने इन्हें आत्मसात कर लिया और इसी के कारण आज भारत प्रगति पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है अपने व्याख्यान में गुप्ता ने इतिहास के महान चरित्रों कुंभा, राणा सांगा, प्रताप ,भामाशाह का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि इन सब को हम इसलिए याद करते हैं क्योंकि इन्होंने जीवन को सार्थक बनाया और देश सेवा के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया।कार्यक्रम अधिकारी डॉ नीता चौहान ने स्वयंसेवकों के उत्साह को बढ़ाते हुए उनके द्वारा किए जा रहे श्रमदान की चर्चा की। उन्होंने बताया कि उपस्थित 50 स्वयंसेवकों के द्वारा जिस तरह से श्रमदान किया जा रहा है वह प्रशंसनीय है और यही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है । श्रमदान कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र छात्राओं के द्वारा महाविद्यालय के बगीचे में खरपतवार को हटाया गया, मुख्य प्रवेश द्वार के दोनों तरफ सफाई की और ईंटों से व्यवस्थित किया महाविद्यालय छत एवं कक्षा कक्षों की सफाई भी की गई।

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