वीर सावरकर पुण्य दिवस हिंदू महासभा के तत्वधान में श्रद्धा पूर्वक मनाया गया

केकड़ी 26 फरवरी (पवन राठी)
अखिल भारत हिंदू महासभा के तत्वाधान में रविवार को सदर बाजार स्थित गणेश प्याऊ पर स्वतंत्रता संग्राम के प्रखर राष्ट्रवादी नेता वीर सावरकर पुण्यतिथि के उपलक्ष पर कार्यकर्ताओं ने वीर सावरकर को याद किया।कार्यक्रम के शुरुआत में वीर सावरकर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर के सभी कार्यकर्ताओं ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान हिंदू महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष भरत शर्मा ने वीर सावरकर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया
देश के अग्रिम पंक्ति के महान क्रांतिकारी वीर सावरकर हिंदू महासभा के प्रमुख सदस्य रहकर अपने सभी कर्तव्यों को भली भांति निभाते रहे। पैसे से वे वकील थे लेकिन अपने जीवन के अनुभव से वे एक लेखक के रूप में उभर कर आए,वे सदैव लोगों को हिंदुत्व और राष्ट्रवाद की ओर जाने के लिए प्रेरणा भरे संदेशों से हमेशा ही लोगों को सामाजिक और राजनीतिक एकता के बारे में समझाते रहे। बचपन से ही देश के लिए कुछ करने की लगन ने उन्हें क्रांतिकारी युवा बना दिया अपने जीवन में बड़े-बड़े क्रांतिकारी नेता लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चंद्रपाल से बहुत ज्यादा प्रेरित रहे, देहात जिलाध्यक्ष प्रमोद पारीक ने कहा की वीर सावरकर काला पानी की सजा से रिहा होकर हिंदू महासभा के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके अनुसार हिंदू महासभा का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत को पूरी तरह से संरक्षण प्रदान करना रहा। उनकी प्रतिभावान छवि को देखकर हिंदू महासभा के सदस्यों द्वारा उन्हें अध्यक्ष बनाया गया, इस दौरान उपस्थित तहसील अध्यक्ष भागचंद सैनी ने अपने वक्तव्य में बताया की ब्रिटिश सरकार की अपनाई गई मुख्य गतिविधियों का विरोध किया जिसमें भारत छोड़ो आंदोलन की महत्वपूर्ण गतिविधियां रही। उन्होंने कालापानी नामक एक किताब भी लिखी जिसमें भारतीय स्वतंत्रता के कार्यकर्ताओं की संघर्षपूर्ण जीवन का संपूर्ण वर्णन किया। सावरकर को जितनी ज्यादा सजा मिली उसका 25% भी उस वक्त में उन बड़े-बड़े नेताओं के हिस्से में नहीं आया जिनके नाम आज बड़े शान से लिए जाते हैं जिनके नाम पर राजकीय अवकाश किए जाते हैं जिनके नाम पर देश के हवाई अड्डो, पार्को पर उनके नाम रखे जाते हैं वही दूसरी ओर विडंबना तो देखिए जिन्होंने देश के लिए काला पानी की सजा काटी जिन्होंने कई दशकों तक अंग्रेजों का जुल्म सहा।वीर सावरकर देश की एकता व अखंडता के बड़े प्रतीक है उनको बदनाम करने का जो यह प्रयास किया है वह निंदनीय है। जिन्होंने राजनीति के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को भी अपने जीवन में महत्वपूर्ण स्थान प्रदान किया, आज की युवा पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणादायक जीवनधारा जिससे हमें सदैव प्रेरणा लेते रहना चाहिए। इस दौरान उपस्थित प्रदेश उपाध्यक्ष भरत शर्मा, देहात जिलाध्यक्ष प्रमोद पारीक, तहसील अध्यक्ष भागचंद सैनी,तहसील उपाध्यक्ष नंदसिंह गौड़, कैलाश जांगिड़, राजेंद्र कुमार सैनी, राजेश कुमार बियाणी,राजकुमार शर्मा, शांति सागर, शंकरलाल ट्रेलर, सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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