हैप्पी बर्थडे सेलिब्रेट

घर-परिवार और रिश्तेदारों ने किया हमें विश,
लो जी आ गया फिर हमारा भी जन्म-दिवस।
बनवाकर लाये इस रोज़ बड़ा सारा एक कैक,
उजियारा था चारो तरफ़ बरसे धनाधन किश।।

जीवन का एक वर्ष हमारा हुआ इसदिन कम,
मोमबत्ती बुझाकर काटे है कैक झूमकर हम।
जगमग करते बल्ब जलाए एवं लगाएं गुब्बार,
देर रात तक नाचे उस दिन घर वाले संग हम।।

क़िस्मतों से मिलते है ऐसे बेहतर-बेहतर लोग,
शुभकामनाएं बधाइयां देकर सुनाएं वो जोक।
हंसी-मजाक में मल दिया मुंह पर हमारे कैक,
और मित्रों ने पिला दिया बीयर विस्की कोक।।

नही मनाया ४६ वर्षो में हमने ऐसा जन्म-दिन,
अर्द्धरात्रि तक नाच रहे सभी गानो की ये धून।
हैप्पी बर्थडे बोल बोलकर कर रहे थे सेलिब्रेट,
संस्कृति को भूल गये सब मित्र हो गये थे टून।।

जन्म-दिवस मनाने का यह कैसा आज चलन,
मुबारक बाद तो ठीक है नशें से हटाएं क़दम।
ख़ुशी से बीते सबका दिन और सुहानी ये रात,
सबसे अच्छा दूध-जलेबी खाएं कच्चा ब़दाम।।

सैनिक की कलम ✍️
गणपत लाल उदय, अजमेर राजस्थान
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