रैगर कला, साहित्य एवं संस्कृति परिषद (पंजी.) तथा आत्मज्ञान पब्लिकेशन एंड फाउंडेशन (पंजी.) जयपुर द्वारा सम्मानित हुए उदय।
जयपुर। मूल रूप से अजमेर जिले के अरांई निवासी गणपत लाल उदय वर्तमान में नई दिल्ली में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में हवलदार के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने वर्दी की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ साहित्य-सृजन के माध्यम से कलम की ताकत को भी जीवंत रखा है।
रैगर कला, साहित्य एवं संस्कृति परिषद (पंजी.) तथा आत्मज्ञान पब्लिकेशन एंड फाउंडेशन (पंजी.) के संयुक्त तत्वावधान में रैगर कला, साहित्य एवं संस्कृति समागम-2026 का आयोजन 20 सितंबर 2026 को डॉ. अंबेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी, जयपुर में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
इस भव्य कार्यक्रम में सैनिक कवि गणपत लाल उदय को साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए तृतीय पुरस्कार के रूप में शाल ओढ़ाकर 5100 रुपये का चेक, एवं साहित्य स्मृति सम्मान प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सैनिक कवि उदय के बड़े भाई बाबूलाल उदय, सेवानिवृत्त भारतीय वायुसेना एवं भाभी श्रीमती इंद्रा देवी उदय भी उपस्थित रहीं।
आयोजन का उद्देश्य रैगर समाज की समृद्ध कला, साहित्य, संस्कृति एवं गौरवशाली विरासत का संरक्षण करना, उसे व्यापक स्तर पर पहचान दिलाना तथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना था।
कार्यक्रम के दौरान रैगर समाज की अमूल्य सांस्कृतिक थाती ‘ग्रंथ’ तथा सैनिक कवि उदय की एकल काव्य संग्रह ‘दिल से सैनिक, आत्मा से कवि’ का विमोचन भी किया गया। साथ ही रैगर समाज के प्रतिभाशाली साहित्यकारों एवं विभिन्न विधाओं में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को प्रथम पुरस्कार के रूप में 21,000 रुपये, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 11,000 रुपये तथा तृतीय छह पुरस्कार 5,100 रुपये की नगद राशि चैक एवं सम्मान-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में टीकमचंद जी बोहरा (आईएएस) एस के मोहनपुरिया, श्रीमती सरोज वर्मा (निदेशक) चन्द्रकान्ता, हरिराम मीणा रिटायर्ड (आईपीएस) गोवर्धन लाल सोकरिया (आईपीएस क्राइम ब्रांच) परिषद के अध्यक्ष श्री रामनिवास रैगर एवं महासचिव डॉ. मुकेश कुमार वर्मा ने सभी गणमान्य अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कलाकारों, कवियों एवं साहित्यकारों के साहित्यिक योगदान की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सैनिक कवि गणपत लाल उदय सीआरपीएफ में अपनी सेवा के साथ-साथ निरंतर साहित्य-सृजन में सक्रिय हैं। उनकी रचनाओं में देशप्रेम, सैनिक जीवन, सामाजिक सरोकार, संस्कृति एवं राष्ट्रहित जैसे विषय प्रमुखता से दिखाई देते हैं।
सैनिक कवि
गणपत लाल उदय (सीआरपीएफ)