2 अक्टूबर / मुंबई। सत्य, अहिंसा, जीवदया, मानवता और प्रकृति संरक्षण से जुड़े जैन धर्म के मूल सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 4 अक्टूबर, रविवार को मुंबई में विशाल सामूहिक रथयात्रा निकाली जाएगी। श्री मुंबई जैन संघ संगठन द्वारा आयोजित इस यात्रा में दक्षिण मुंबई के 200 से अधिक जैन संघ और संस्थाएं सहभागी होंगी। यात्रा सुबह 9 बजे दक्षिण मुंबई के वीपी रोड से शुरू होकर सिक्का नगर, खेतवाड़ी, प्रार्थना समाज, ओपेरा हाउस, गांवदेवी, नाना चौक और अगस्त क्रांति मैदान होते हुए गोवालिया टैंक पहुंचेगी।
गच्छाधिपति आचार्य राजेंद्र सुरीश्वर महाराज, गच्छाधिपति आचार्य कल्पतरु सुरीश्वर महाराज एवं गच्छाधिपति आचार्य कलाप्रभसुरी महाराज के आशीर्वाद से आयोजित इस विराट रथयात्रा में 400 से अधिक गुरु भगवंतों के साथ बड़ी संख्या में युवा, महिला मंडल, बच्चे और विभिन्न जैन संस्थाओं के लगभग 50 हजार प्रतिनिधि शामिल होंगे। ‘भारत बचाओ, संस्कार बचाओ, मानवता बचाओ, विश्व बचाओ’ संदेश के साथ आयोजित रथयात्रा में अहिंसा, अनेकांत, संयम, सेवा, जीवदया और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे जैन मूल्यों को प्रमुखता दी जाएगी। इस विराट रथयात्रा में वीरेंद्र भाई, घेवरचंद बोहरा, भंवरलाल कोठारी सहित आशीष शाह, राकेश शाह, नितिन वोरा, मुकेश जैन और कल्पेश हेक्कड़ पिछले कई दिनों से प्रयासरत हैं। रथयात्रा के समापन समारोह में समाजसेवी चुन्नीलाल चंदन एवं बाबूलाल भंसाली को शासनरत्न सम्मान से विभूषित किया जाएगा।
मुंबई में निकलने वाली इस रथ यात्रा का पूरे देश में विशेष महत्व है। रथ यात्रा के प्रमुख आकर्षणों में 21 फीट ऊंची तीर्थंकर भगवान की प्रतिमा, मैजिक टच बटरफ्लाई, रोबोटिक एलीफेंट, परमात्मा रथ, 2 इंद्र ध्वज, 108 फुट ऊंचा शासन ध्वज, 24 अरिहंत परमात्माओं की प्रतिकृतियां और 64 इंद्र ध्वज शामिल हैं। विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियों के साथ करीब 300 बाइक की रैली और देव विमान से पुष्पवर्षा भी होगी। रथयात्रा में 50 से अधिक युवा मंडल, 125 से अधिक महिला मंडल, 15 से अधिक जैन बैंड और 100 से अधिक धार्मिक पाठशालाओं के 2000 से ज्यादा विद्यार्थी भाग लेंगे। विभिन्न भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। विशेष रूप से 108 शासन ध्वजधारी युवाओं की सामूहिक परेड होगी। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को धर्म, संस्कृति, अनुशासन, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का संदेश दिया जाएगा। श्री मुंबई जैन संघ संगठन की इस रथयात्रा के आयोजकों के अनुसार यह रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जैन समाज की एकता, युवा जागरण, संस्कार संरक्षण और मानव मूल्यों के प्रचार का सामूहिक अभियान है।