*मोदी-शाह सरकार जवाब दे—शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग क्यों? राहुल गांधी के खिलाफ अभद्र भाषा और प्रेस की स्वतंत्रता पर दबाव का भी विरोध*
*अजमेर।* अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने दिल्ली में जारी आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज, आंदोलनकारियों से मारपीट तथा छात्रों और महिलाओं के साथ कथित दुर्व्यवहार पर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अपनी मांगों के लिए आवाज उठाना नागरिकों का अधिकार है। छात्रों, महिलाओं और प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग गंभीर चिंता का विषय है।
डॉ. जयपाल ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान भाजपा समर्थकों द्वारा छात्रों और महिलाओं से मारपीट की शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े व्यक्ति को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ राजनीतिक पहचान से परे कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने मोदी-शाह सरकार से पूछा कि आंदोलनकारियों की बात सुनने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल क्यों किया गया। सरकार स्पष्ट करे कि अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन करना अपराध है या नहीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र जनता की आवाज से चलता है, डर और दबाव से नहीं।
राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा द्वारा कथित रूप से ‘नालायक’ शब्द के इस्तेमाल पर भी डॉ. जयपाल ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता के प्रति ऐसी भाषा राजनीतिक मर्यादा के विरुद्ध है। भाजपा नेताओं को व्यक्तिगत टिप्पणी के बजाय जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।
दिल्ली में मेट्रो, रेल, बसों और सड़कों पर आवाजाही प्रभावित होने से आम नागरिकों को हो रही परेशानी पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन, शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
डॉ. जयपाल ने कथित लाठीचार्ज, मारपीट और गिरफ्तारियों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई तथा आंदोलनकारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों के सम्मान की मांग की।
कांग्रेस प्रवक्ता शैलेश गुप्ता ने प्रेस की स्वतंत्रता पर कथित दबाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि दिल्ली प्रेस क्लब में सीजेपी नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हथियारबंद पुलिसकर्मियों के पहुंचने और नेताओं को रोकने की घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने तथ्य सार्वजनिक करने और पत्रकारों की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की मांग की।पत्रकारों के साथ पुलिस ने जो दुर्व्यवहार किया वो बहुत ही निंदनीय है।
शैलेश गुप्ता
प्रवक्ता
अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी