अजमेर के अरांई निवासी गणपत लाल उदय स्वयंयुग पब्लिकेशन द्वारा सम्मानित

स्वयंयुग विशेषांक 2026 में साहित्यिक योगदान के लिए मिला प्रशंसा-पत्र एवं पुस्तक‌
           अजमेर जिले के अरांई निवासी एवं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में सेवारत सैनिक कवि गणपत लाल उदय को उनके साहित्यिक योगदान के लिए जानी-मानी स्वयंयुग पब्लिकेशन द्वारा सम्मानित किया गया है। उन्हें स्वयंयुग विशेषांक 2026 में रचनात्मक लेखन, साहित्यिक अभिव्यक्ति एवं साहित्य के प्रति समर्पण के लिए प्रशंसा-पत्र प्रदान किया गया। इसके साथ ही उन्हें स्वयंयुग विशेषांक-2026 पुस्तक भी भेंट की गई।
      स्वयंयुग पब्लिकेशन द्वारा जारी प्रशंसा-पत्र में गणपत लाल उदय के साहित्यिक योगदान की सराहना करते हुए कहा गया है कि उनकी रचनात्मक प्रतिभा, लेखन शैली और साहित्य के प्रति जुनून ने इस विशेषांक की भावना एवं सार को समृद्ध किया है। यह सम्मान उनकी साहित्यिक साधना और लेखन के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
सैनिक से साहित्यकार तक का प्रेरणादायक सफर-
  गणपत लाल उदय देशसेवा के साथ-साथ साहित्य के क्षेत्र में भी निरंतर सक्रिय हैं। वे अपनी कविताओं के माध्यम से देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम, सैनिकों के त्याग, सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदनाओं को अभिव्यक्त करते हैं। उनकी लेखनी में राष्ट्र के प्रति समर्पण और समाज को सकारात्मक संदेश देने की भावना प्रमुखता से दिखाई देती है।
        उनकी रचनाएँ विभिन्न साहित्यिक पुस्तकों एवं साझा काव्य-संग्रहों में प्रकाशित हो चुकी हैं। वे साहित्य के माध्यम से देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुँचाने तथा सामाजिक जागरूकता बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। सैनिक के रूप में राष्ट्रसेवा और साहित्यकार के रूप में समाजसेवा के प्रति उनका समर्पण प्रेरणादायक है।
साहित्य जगत में खुशी की लहर-
   स्वयंयुग पब्लिकेशन द्वारा मिला यह प्रशंसा-पत्र गणपत लाल उदय की साहित्यिक यात्रा में एक और उपलब्धि है। उनकी इस उपलब्धि से उनके परिवार, मित्रों, साहित्यकारों एवं शुभचिंतकों में हर्ष का माहौल है। साहित्यप्रेमियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य की कामना की है।
गणपत लाल उदय का मानना है कि लेखन उनकी साधना है और राष्ट्रसेवा उनका धर्म। वे अपनी कलम के माध्यम से देश, समाज और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को निरंतर अभिव्यक्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनकी लेखनी में वर्दी के प्रति सम्मान और साहित्य के प्रति समर्पण का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
सैनिक कवि — गणपत लाल उदय (सीआरपीएफ)
ग्राम — अरांई, जिला — अजमेर, राजस्थान
ई-मेल: [email protected]

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