‘लर्निंग आउटकम्स एंड पेडागॉजी’ विषय पर विशेषज्ञों ने साझा किए प्रभावी शिक्षण के नए तरीके
श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति द्वारा संचालित बी.एल. गोठी पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ब्यावर में शनिवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के क्षमता संवर्धन कार्यक्रम के अंतर्गत ‘लर्निंग आउटकम्स एंड पेडागॉजी’ विषय पर एक दिवसीय शैक्षणिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा एवं प्रभावी शैक्षणिक रणनीतियों के माध्यम से विद्यार्थियों के अधिगम स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षित किया गया।
कार्यशाला में संसाधन विशेषज्ञ आरती वर्मा एवं शबाना परवीन ने मुख्य वक्ता के रूप में सहभागिता करते हुए विभिन्न शैक्षणिक विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
विद्यालय के प्राचार्य धर्मेंद्र कुमार शर्मा एवं उपप्राचार्या श्रीमती सुनीता चौधरी ने बुके भेंट कर अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इसके पश्चात अतिथियों एवं विद्यालय प्रबंधन द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ किया गया।
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने अधिगम प्रतिफल, दक्षता आधारित शिक्षा, विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण, नवाचारी शिक्षण रणनीतियों तथा कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने के विभिन्न तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पूरा करवाने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में विषय की गहरी समझ, तार्किक चिंतन, रचनात्मकता, व्यावहारिक कौशल एवं समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना भी आवश्यक है।
विशेषज्ञों ने विभिन्न गतिविधियों एवं उदाहरणों के माध्यम से शिक्षकों को समझाया कि किस प्रकार कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक, संवादात्मक और सहभागितापूर्ण बनाया जा सकता है। साथ ही शिक्षकों को अपने अनुभव साझा करने, आपसी सहयोग बढ़ाने तथा शिक्षण की श्रेष्ठ पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
प्रातः 9 बजे से सायं 5:30 बजे तक आयोजित इस कार्यशाला में शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे सत्र के दौरान विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों, समूह चर्चाओं एवं विचार-विमर्श के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया में गुणवत्ता सुधार के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के प्राचार्य धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने संसाधन विशेषज्ञों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सीबीएसई द्वारा आयोजित इस प्रकार की क्षमता संवर्धन कार्यशालाएं शिक्षकों के ज्ञान, कौशल एवं व्यावसायिक दक्षता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि समय के साथ शिक्षण पद्धतियों में सकारात्मक बदलाव लाना आवश्यक है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी शिक्षा प्रदान की जा सके।
यह कार्यशाला बी.एल. गोठी स्कूल की शैक्षणिक गुणवत्ता को निरंतर बेहतर बनाने तथा शिक्षकों के व्यावसायिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सार्थक पहल साबित हुई।