भुवनेश्वर। जर्मन युवती के साथ रेप के मामले में दोषी ओडिशा के पूर्व डीजीपी बीबी मोहंती के बेटे बिट्टी मोहंती के मामले की जांच कर रही पुलिस टीम ने उसका बीटेक प्रमाणपत्र फर्जी पाया है। इस बीच उसको जांच के लिए जयपुर ले जाया गया है। जयपुर के पुलिस कमिश्नर ने पुलिस रिकार्ड, फिंगरपि्रंट और डीएनए रिकार्ड के हवाले से उसके बिट्टी मोहंती होने की तसदीक की है।
केरल पुलिस उसको शुक्रवार सुबह साढे नौ बजे लेकर जयपुर पहुंची थी। जांच टीम की अगुआई कर रहे केरल पुलिस के अधिकारी जोसी जोसेफ ने बताया कि राघव राजन नाम से बिट्टी मोहंती का बीटेक प्रमाणपत्र फर्जी है। केआइआइटी यूनिवर्सिटी द्वारा हूबहू यही प्रमाणपत्र बिट्टी मोहंती के नाम से जारी हुआ था। बिट्टी मोहंती यही फर्जी प्रमाणपत्र पेश करके बैंक में नौकरी कर रहा था।
बैंक को उसकी पहचान संबंधी एक गुमनाम पत्र मिलने के बाद उसे आठ मार्च को धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था। गिरफ्तारी के बाद बिट्टी ने बताया था कि वह बिट्टी मोहंती नहीं है, बल्कि वह आंध्र प्रदेश का राघव राजन है। उससे जुड़े सारे तथ्यों की तस्दीक के लिए उसे राजस्थान लाया गया है। गौरतलब है कि भारत में शोध करने आई एक जर्मन युवती से दुष्कर्म का दोषी पाए जाने पर बिट्टी को सात साल की सजा सुनाई गई थी। अलवर जेल से उसे 2006 में पैरोल पर छोड़ा गया और वह फरार हो गया था और पहचान छुपाकर केरल के एक बैंक में नौकरी कर रहा था।
बिट्टी की पहचान के लिए केरल पुलिस उसे लेकर गुरुवार को राजस्थान के अलवर पहुंची और जिला जेल में उससे संबंधित दस्तावेज खंगाले। शुक्रवार को पुलिस मोहंती को लेकर अलवर के ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस स्टेशन पहुंची और वहां भी छानबीन की। उसे जयपुर भी ले जाया गया।
रेप केस की जांच करने वाले पुलिस अधिकारी ने भी अपने को राजन राघव बताने वाले शख्श की पहचान बिट्टी मोहंती के रूप में की है।