अजमेर। चैत्र नवरात्र की अष्ठमी पर बजरंगगढ चौराहा स्थित अम्बे माता मंदिर पर माता के भव्य जागरण में मुम्बई से आये सारेगामा फेम गायक तरूण सागर, फरीदाबाद से आई मीनू शर्मा ने पूरी रात एक से बढकर एक भजन और भेंटे सुनाकर लोगो को भक्ति सागर की सरीता में डूबकियां लगवाई। वहीं हिसार से आई अनिल, सुनिल तिलक धारी पार्टी के कलाकारो ने शिरडी के साई बाबा के भजन पर उनकी
चमत्कारिक झांकिया प्रस्तुत कर लोगो को अचम्भीत कर दिया। साथ ही मां काली द्वारा असरो का संहार, शंकर भगवान और मां पार्वती की झांकी सहीत हनुमान के आकर्षण सजीव रूप ने उपस्थित श्रृद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान जयं अम्बे नवयुवक मंडल के अध्यक्ष राजेश टंडन, पदाधिकारी करण सिंह, संदीप गौड, हितेश तिवारी आदि ने कलाकारो को मां की चुनरी ओडाकर स्वागत किया। अलसुबह तक बही मधुर भजनो की गंगा में हजारो भक्त डूबकियां लगाते रहे। सुबह महाआरती के साथ सभी को प्रसाद वितरित किया गया।
राजकीय महाविद्यालय स्थित दुर्गा माता मंदिर में दुर्गा अष्टमी के अवसर पर मां दुर्गा का नयनाभीराम श्रृंगार कर दुर्गा सप्तशती पाठ की पूर्ण आहुति की गई। पंडित तरूण शर्मा ने बताया कि साल 1995 में इस मंदिर में मां दुर्गा की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी तब से ही अष्टमी को स्थापना दिवस के रूप में मनाते हुए यहां विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है। दुर्गा अष्टमी की रात मां दुर्गा की महाआरती कर हजारों श्रद्धालुओं में महाभोग का प्रसाद वितरित किया गया।
रामगंज काली माता मंदिर पर दुर्गा अष्टमी पर हुए जागरण के दौरान राजू एंड पार्टी सहित विभिन्न भजन मंडलियों ने पूरी रात मां दुर्गा का गुणगान किया। वहीं उपस्थित श्रद्धालू भक्तों ने मां की स्तूति की। अल सुबह महाआरती के साथ श्रद्धालुओं को चने और हलवे का प्रसाद वितरित किया गया।
रामनवमी के मौके पर शुक्रवार सुबह अजय नगर नेहरू नगर स्थित सांई बाबा मंदिर में कई धार्मिक अनुष्ठान और कार्यक्रम आयोजित किये गये। सैंकडो भक्तो की मौजूदगी में सुबह 6 बजे कांकण आरती हुई इसके बाद मंगल स्नान, अभिषेक, सांई नाम जाप, गायत्री यज्ञ, धूनी पूजन, और दोपहर में मध्यान्ह आरती का आयोजन हुआ, इसके बाद आम भंडारे में सैंकडो लोगो ने महाप्रसाद ग्रहण किया। शाम को पांच बजे सांई पालकी शोभायात्रा सांई मंदिर से शुरू हुई जो नेहरू नगर, अजयनगर, गुर्जरवास सहित स्थानीय मार्गो से होकर दोबारा मंदिर पर संपन्न हुई। इसके बाद धूप आरती और रात को सेज आरती के साथ श्रीराम जन्मोत्सव पर आयोजित रामनवमी का धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ।