राजस्थान बोर्ड परीक्षाओं की निष्पक्षता के लिये कटिबद्ध- प्रिया भार्गव

प्रिया भार्गव
प्रिया भार्गव
अजमेर 30 जनवरी। राजस्थान माध्यमिक षिक्षा बोर्ड की विशेषाधिकरी श्रीमती प्रिया भार्गव ने कहा है कि राजस्थान बोर्ड, परीक्षाओं की पवित्रता और उसके निष्पक्ष आयोजन के लिये कटिबद्ध है। उन्होनें षिक्षा अधिकारियों से कहा कि बोर्ड की परीक्षाये किसी भी विद्यार्थी के लिये पहली सार्वजनिक परीक्षा है, इसलिये षिक्षकों का दायित्व है कि इन परीक्षाओं का आयोजन पूर्णतः पारदर्षी और निष्पक्ष हो।

श्रीमती भार्गव सोमवार को बोर्ड के राजीव गाँधी भवन में परीक्षा वर्ष 2017 के सफल आयोजन के संबंध में सन्दर्भ व्यक्तियों की प्रषिक्षण कार्य गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। ये संदर्भ व्यक्ति अपने-अपने जिलों में बोर्ड परीक्षा केन्द्रों के केन्द्राधीक्षकों और अतिरिक्त केन्द्राधीक्षकों को परीक्षाओं के सुचारू आयोजन के लिये प्रषिक्षित करेंगे।

उन्होंने कहा कि बोर्ड प्रष्न-पत्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च महत्व दे रहा है। सीकर, नागौर, झुंझुनूं, दौसा, करौली, सवाईमाधोपुर, जोधपुर और बाड़मेर जिलों में शत् प्रतिषत केन्द्रों पर वीडियोग्राफी कराई जायेगी। राज्य के संवेदनषील व अतिसंवेदनषील परीक्षा केन्द्रों तथा बोर्ड के उत्तरपुस्तिका संग्रहण केन्द्रों पर ऑनलाईन सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाये जायेंगे, जिनका सीधा नियंत्रण बोर्ड कार्यालय में होगा। जिन परीक्षा केन्द्रों पर सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाये जा रहे है उनके रख-रखाव की जिम्मेदारी संबंधित केन्द्राधीक्षक की होगी। सभी निजी विद्यालयों में बनाये गये केन्द्रों पर केन्द्राधीक्षक व अतिरिक्त केन्द्राधीक्षक राजकीय विद्यालय से नियुक्त किए जायेगे। उन्होंने षिक्षा अधिकारियों को निर्देषित किया कि निजी विद्यालयों में सभी वीक्षकों की नियुक्ति भी राजकीय विद्यालयों से करें जो यथासंभव स्थानीय हो।

बोर्ड प्रबन्ध मण्डल के सदस्य और जिला शिक्षा अधिकारी दीपक जौहरी ने कहा कि बोर्ड परीक्षाआंे के सफल संचालन का पहला दायित्व संदर्भ व्यक्तियों का है क्योंकि वे ही अपने क्षेत्र के केन्द्राधीक्षकों को परीक्षाओं के सफल संचालन के लिये प्रषिक्षित करेंगे। प्रषिक्षण का महत्व वर्तमान संदर्भो में इसलिये भी बढ़ गया है क्योंकि षिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में हो रहे परिवर्तनों को हमें अपनी कार्यषैली से जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि प्रष्न-पत्रों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। किसी भी केन्द्र पर गलत प्रष्न-पत्र खुलने से लाखों विद्यार्थियों, अभिभावकों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है, इसलिये षिक्षक प्रष्न- पत्र खोलने मंे विषेष सावधानी बरतें।

बोर्ड के निदेशक गोपनीय जी.के. माथुर ने कहा कि बोर्ड द्वारा राज्य के सभी जिलों में बोर्ड परीक्षाओं के लिए पर्याप्त मात्रा में उत्तरपुस्तिकाओं का प्रेषण संबंधित परीक्षा केन्द्र पर 25 फरवरी तक कार्य पूरा लिया जायेगा। उन्होंने प्रष्न-पत्रों की सुरक्षा व्यवस्था, उŸार पुस्तिकाओं की व्यवस्था व उन्हंे परीक्षा उपरान्त सुरक्षित पैंक कर उŸार पुस्तिका संग्रहण केन्द्र पर भेजने की कार्य व्यवस्था का पावर पॉइन्ट प्रजन्टेषन दिया। उन्हांेने कहा कि जिले के विषेष चिन्हित परीक्षा केन्द्र, संवेदनषील, अतिसंवेदनषील गत वर्षों में हुए सामूहिक नकल वाले केन्द्रों अथवा भौगोलिक दृष्टि से दूर दराज स्थित केन्द्रों पर कलक्टर एवं अध्यक्ष जिला परीक्षा संचालन समिति द्वारा माइक्रो आब्जर्वर की नियुक्ति की जाएगी। ये षिक्षा विभाग के अतिरिक्त अन्य सेवाओं के अधिकारी भी होंगे। माइक्रोऑंब्जर्वर परीक्षा प्रारम्भ से परीक्षा समाप्ति तक परीक्षा की गतिविधियों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट जिला कलक्टर एवं अध्यक्ष जिला परीक्षा संचालन समिति तथा सचिव माध्यमिक षिक्षा बोर्ड को गोपनीय रूप से देंगे। बोर्ड की वित्तीय सलाहकार आनन्द आशुतोष ने कहा कि किसी भी परीक्षा केन्द्र पर यदि अतिरिक्त फर्नीचर लगाना है तो निकटवत्ती विद्यालय से उसकी व्यवस्था कर ली जाये। उन्होंने कहा कि जिन निजी विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाया गया है उन्हें कक्षा-9 से 12 तक अध्ययनरत् परीक्षार्थियों की संख्या के बराबर सिंगल सिटेड फर्नीचर की व्यवस्था उपलब्ध करानी होगी। इसके लिए बोर्ड द्वारा किसी प्रकार का भुगतान नहीं किया जायेगा।
कार्यगोष्ठी में ए.सी.पी. कुम्भाराम रेलावत, उपनिदेशक परीक्षा श्रीमती सुमन सिंह, सहायक निदेषक राजेन्द्र सक्सैना और मंघाराम तोलानी भी उपस्थित थे।

-राजेन्द्र गुप्ता, उप निदेषक (जनसम्पर्क)

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