केकड़ी पूर्णयता रहा बंद

एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में सर्व समाज उतरा सडक़ों पर
केकड़ी
देश भर में सर्व समाज द्वारा बुलाये गये भारत बंद के आव्हान पर गुरूवार को केकड़ी शहर भी पूर्णतया बंद रहा। यहां शहर के व्यापारियों,दुकानदारों सहित सभी ने स्वेच्छिक रूप से अपने प्रतिष्ठान बंद रख कर बंद को सफल बनाया। इस दौरान गुरूवार सुबह से ही बड़ी तादात में सर्व समाज के घण्टाघर पहुंचे और वहां धरना दिया। धरने को संबोधित करते हुए पार्षद सुरेन्द्र जोशी ने कहा कि केन्द्र सरकार का यह निर्णय सर्व समाज के साथ कुठाराघात हैं,यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया तो सर्व समाज द्वारा उग्र आंदोलन किया जायेगा। रामवतार सिखवाल ने जोश भरे अंदाज में कहा कि यह ऐसा कानून हैं जिसका 99 प्रतिशत दुरूपयोग होता हैं और लोगों को काफी यातनाऐं झेलनी पड़ती हैं। शैलेन्द्र बोरदिया ने कहा कि सर्व समाज के साथ यह अन्याय किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। धरने के बाद दोपहर पश्चात सर्व समाज के लोगों ने शहर में रैली निकाली। रैली घण्टाघर से प्रारंभ हुई जो खिडक़ी गेट,सरसड़ी गेट,शनि मंदिर होते हुए कचहरी परिसर स्थित उपखण्ड अधिकारी कार्यालय पहुंची। यहां सर्व समाज के लोगों ने एससी एसटी एक्त में किये गये संशोधन को रद्द करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन उपखण्ड अधिकारी शंकर लाल सैनी को दिया। ज्ञापन में लिखा गया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गत 20 मार्च को एक फैसले में एससी-एसटी एक्ट में कुछ शर्तों में बदलाव किया था,जिसमें शिकायत पर तुरंत एफआईआर करने के बजाय जांच के बाद एफआईआर करने की बात कही गई थी तथा आरोपी की गिरफ्तारी भी अधिकारी की मंजूरी के बाद करने का नियम बनाया गया था। इसके साथ ही आरोपी को अग्रिम जमानत का अधिकार भी दिया गया था। मगर केन्द्र सरकार द्वारा कतिपय ताकतों के आगे झुकते हुए पिछले महीने कानून में संशोधन करते हुए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ही पलट दिया। केन्द्र सरकार के इस अव्यवहारिक फैसले से सर्व समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त हैं। सरकार का यह फैसला अधिसंख्यक स्वर्ण समाज के साथ अन्याय हैं,इस तरह के निर्णय से देश को आगे बढ़ाने की बजाय टकराव की ओर अग्रसर होगा। ज्ञापन में मांग की गई कि राष्ट्रपति इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करते हुए केन्द्र सरकार को तुरंत प्रभाव से इस एक्ट में किये गये संशोधन को रद्द करने के दिशा निर्देश जारी करे। इस दौरान ज्ञापन देने वालों में पूरण कारिहा,शैलेन्द्र बोरदिया,दिनेश गर्ग,रामगोपाल सैनी,नाहर सिंह,मुकेश कुमार शर्मा,रमेश मूंदड़ा,रामरतन सोनी,शंकरलाल मूंदड़ा,पवन कुमार शर्मा,भागचंद,धनराज मेहरचंदानी,रमेश सागरिया,रामवतार सिखवाल,मुकेश विजय,हीराचंद खूंटेटा,कैलाश सोनी,नितेश विजय,जितेन्द्र जोशी,जगदीश फतेहपुरिया,गणेश भाटी,वैभव धुपिया,आनंद सोनी,अनुराग सिंह शक्तावत,नीरज कुमार जैन,चांदमल,कैलाश चंद गौड़,पवन कुमार जैन,शिवराज चौधरी,योगेश तातेथ सहित बड़ी संख्या में सर्व समाज के लोग मौजूद थे।
चाय-पानी को तरसे लोग – सर्व समाज के आव्हान पर बुलाये गये बंद को शहर के छोटे से छोटे व्यापारी व दुकानदारों का भी पूर्ण समर्थन मिला। चाय की थडिय़ां लगाने वाले दुकानदारों ने भी अपनी थडिय़ां पूरे दिन बंद रखी जिससे लोगों को चाय-पानी तक को तरसना पड़ा।

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