‘सेवा है यज्ञ कुण्ड समिधा सम हम जले’

“समाजपयोगी पाठ्यक्रम अन्तर्गत विद्यार्थियों ने की मन्दिर में स्वच्छता”
यह सम्पूर्ण समाज हमारा अपना है। इसके प्रत्येक घटक के प्रति हमारा नैतिक दायित्व है। प्राचीन मन्दिर वर्षों से समाज के हजारों लोगों की आस्था के पवित्र प्रतीक है,
वे आध्यात्म और संस्कार के केन्द्र है।
अतः बच्चों के ह्रदयों में उनके प्रति आस्था विकसित हो साथ ही सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता एवं सुरक्षा के प्रति उनकी जवाबदेही बढ़े। इस उद्देश्य से
आज पुष्कर रोड़ स्थित आदर्श विद्या निकेतन स्कूल के विद्यार्थी कोटड़ा एवं बोराज गाँवों में स्थित प्राचीन तेजाजी मन्दिरों की स्वच्छता एवं सेवा के लिये पहुँचे।
कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों ने बोराज एवं कक्षा 9वीं के विद्यार्थियों ने कोटड़ा धाम स्थित प्राचीन तेजाजी मन्दिरों की सफाई एवं धुलाई कर चारों तरफ रेखांकन किया।
समाजोपयोगी पाठ्यक्रम के अन्तर्गत यह विद्यार्थी इन मन्दिरों की सफाई के लिये पहुँचे। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नगर सेवा प्रमुख जितेन्द्र शेखावत ने कहा कि बालकों को समाज से जोड़ने के लिये विद्यालय की यह पहल अनुकरणीय है। इसके कारण समाज के प्रति संवेदना विकसित होती है। सभी विद्यालयों को अपनी योजना में इस प्रकार के कार्यक्रमों को महत्व देना चाहिये।
/कार्यक्रम के अन्त में मन्दिर में सामुहिक पूजा अर्चना की गई। इस दौरान रुपसिंह रावत, आचार्य जयप्रकाश माथुर, आचार्या मधु कैलाश सहित मन्दिर समिति के भी सदस्य मौजूद रहे।
विद्या भारती द्वारा देशभर के 13300 विद्यालयों के माध्यम से 35 लाख विद्यार्थियों में सेवा एवं समर्पण का भाव विकसित करने का प्रयास सतत किया जा रहा है।

प्रधानाचार्य

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