8 जनवरी को अजमेर स्थित एसीबी की चैकी ने बड़ी कार्यवाही करते हुए ब्यावर रोड स्थित पशु आहार संयंत्र के मैनेजर राजेन्द्र सिंह राठौड़ को 40 हजर की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। एसीबी की यह कार्यवाही डीएसपी महिपाल चैधरी के नेतृत्व में की गई है। महिपाल ने बताया कि संयंत्र के ठेकेदार भंवर गजवीर सिंह ने शिकायत दी थी कि मैनेजर राठौड़ बिल पास करने के प्रतिमाह 20 हजार रूपये की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत की प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए गए। मोबाइल की रिकार्डिंग भी बताती है कि रिश्वत मांगी जा रही थी। गत दिनों मैनेजर ने करीब 17 लाख रूपये के दो बिल पास भी किए, लेकिन दोनों बिलों की राशि स्वीकृत करने के लिए 40 हजार रूपये की मांग की। एसीबी की योजना के अनुरूप 8 जनवरी को जब शिकायतकर्ता गजवीर सिंह 40 हजार रूपये की रिश्वत दे रहा था तभी टीम ने पकड़ लिया। यह राशि संयंत्र में ही ली जा रही थी। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता अपनी फर्म हिडन आई सिक्युरिटी सर्विसेज के माध्यम से संयंत्र में कुशल और अकुशल श्रमिक उपलब्ध करवाता है। गरीब श्रमिकों के वेतन के बिल पास करने के लिए ही प्रतिमाह 20 हजार रूपये की रिश्वत मांगी गई थी। रंगे हाथों पकड़ने के बाद राठौड़ को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसीबी की टीम मंे सीआई इस्माइल खान, रामचन्द्र गौड़, कैलाश चारण, युवराज सिंह, शिव सिंह, भरत सिंह आदि शामिल थे।
पूर्व मैनेजर को भी पकड़ा था:
कुछ वर्ष पहले इसी संयंत्र के मैनेजर सुरेन्द्र शर्मा को भी एसीबी ने रिश्वत लेते हुए पकड़ा था, तब शर्मा के ठिकानों से कई करोड़ रूपये की राशि और जायदाद मिली। इस मामले में शर्मा को न्यायालय से सजा भी हुई। पूर्व मैनेजर की गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए इस बार भी एसीबी गिरफ्तार मैनेजर राठौड़ की सम्पत्तियों का पता लगाने में लगी हुई है। उल्लेखनीय है कि संयंत्र में पशुओं के लिए आहार तैयार किया जाता है, जिसे सहकारी समितियों के माध्यम से पशुपालकों को वितरित किया जाता है। यही वजह है कि संयंत्र में करोड़ों रूपये की सामग्री की सप्लाई होती है। यह सप्लाई भी ठेकेदार ही करते है।
एस.पी.मित्तल