सावित्री बाई फुले को श्रृद्धासुमन

आज दिनांक 10 मार्च 2019 – प्रिन्स सोसायटी की तरफ से भारत की प्रथम षिक्षिका सावित्री बाई फुले जी की 122 वीं पुण्यतिथि पर उनके चित्र के समक्ष पुष्प व माला चढ़ाकर उनको श्रृद्धासुमन अर्पित कर उनको याद किया।
यह जानकारी देते हुए उपाध्यक्ष इत्तेदार खान ने बताया कि सावित्रीबाई फुले भारत के पहले बालिका विद्यालय की पहली प्रिंसिपल व पहले किसान स्कूल की संस्थापक थी। उन्होने यह उपलब्धि तब हासिल की जब महिलाओं का षिक्षा ग्रहण करना तो दूर की बात थी उनका घर से निकलना भी मुमकिन नहीं था। जब वह स्कूल जाती थी तो लोग उन्हें पत्थर मारते थे। मगर उन्होने हर मुष्किल का डटकर सामना किया। सावित्री बाई ने अपने जीवन को एक मिषन की तरह से जिया जिसका उद्देष्य विधवा विवाह करवाना, छुआछूत मिटाना, महिलाओं की मुक्ति और दलित महिलाओं को षिक्षित बनाना था। इसी के चलते आज प्रिन्स सोसयटी की ओर से सावित्री बाई फुले जी की 122 वीं पुण्यतिथि पर उनके चित्र के समक्ष पुष्प व माला चढ़ाकर उनको श्रृद्धासुमन अर्पि्रत कर उन्हें याद किया।
इस दौरान प्रिन्स सोसायटी की अध्यक्ष मुसव्वीरा खान, उपाध्यक्ष इत्तेदार खान व कोषाध्यक्ष इन्द्रजीत सिंह पदाधिकारी मौजूद रहे।

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