समावेषी षिक्षा दिव्यांगों के लिए बेहत्तर विकल्प -बुनकर

अजमेर दिनंाक 11 फरवरी 2020 को राजस्थान महिला कल्याण मण्डल चाचियावास द्वारा अजीम प्रेमजी फिलेनथ्रेपी इनिसिएटीव के सहयोग से अजमेर जिले के पीसांगन व श्रीनगर ब्लॉक के 25 राजकीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के साथ दिव्यांगजनों के सामाजिक समावेषन और यूनिर्वसल डिजायन ऑफ लर्निंग विषय पर एक दिवसीय अभिमुखिकरण कार्यषाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का शुुभारम्भ अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक समग्र षिक्षा अभियान श्रीमान् दीपचन्द बुनकर द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। सम्भागियों को सम्बोधित करते हुए उन्होने कहा कि समावेषी षिक्षा दिव्यांगों के लिए बेहत्तर विकल्प हैं उन्होने कहा कि हमें अपनी स्कूलों में दिव्यांगों को नामांकन करने के साथ-साथ गैर दिव्यांग बच्चों के समान उन्हे अवसर उपलब्ध करवाने चाहिए तथा उनकी आवष्यकता और रुचि अनुसार कार्य करवाना चाहिए।
संस्था निदेषक राकेष कुमार कौषिक ने प्रषिक्षण का उद्देष्य बताते हुए कहा कि संस्था द्वारा मुख्यधारा से जोड़े गये बच्चों के साथ बेहत्तर तरीके से कार्य करने हेतु इस प्रकार के अध्यापक व प्रधानाध्यापकों के प्रषिक्षण आयोजित कर करती है। इस वर्ष भी अजमेर जिले के 150 विद्यालयों के षिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों को प्रषिक्षित किया जायेगा। प्रषिक्षण के दौरान बताया गया कि दिव्यांग बच्चों को सामाजिक समावेषन करने से बच्चा समाज की मुख्यधारा से जुड़ने में सफल होगा तथा यह भी बताया गया कि यूनिवर्सल डिजायन ऑफ लर्निंग एक ऐसी पद्वति हैं जो दिव्यांगों के साथ-साथ गैर दिव्यांगों के लिए भी उपयोगी है।
सम्भागियों में से ही श्री षिवषंकर गुप्ता, राज श्री शर्मा, दलीप चावला आदि ने प्रषिक्षण के फीडबैक देते हुए बताया कि ये प्रषिक्षण हमारे लिए बहुत उपयोगी हैं और हमें दिव्यांगों को विद्यालय में प्रवेष देते समय परिणाम की चिन्ता नही करनी चाहिए। ये बच्चें षिक्षा के अतिरिक्त भी बहुत सारी चीजे विद्यालय में आकर सीखते हैं अतः हमे इन्हे विद्यालय में प्रवेष देकर अवसर उपलब्ध करवाना चाहिए।
प्रषिक्षण में साइक्लाजिस्ट सुश्री अंजली सेन, विषेष अध्यापक विनय कुमार और अतिरिक्त निदेषक तरुण शर्मा ने विभिन्न विषयों पर सत्र लिये।

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