
हाथीखेड़ा ग्राम में आबादी विस्तार की मांग पिछले कई वर्षों से की जा रही थी। इस गांव के लोग देवनानी से भी काफी लंबे समय से संपर्क बनाए हुए थे और रविवार को भी अनेकों ग्रामीणों ने देवनानी के निवास पर पहुंच कर इस मांग को पूरा कराने का आग्रह किया था। ग्रामीणों का कहना था कि आसपास के गांव अजयसर, खरेखड़ी आदि में आबादी विस्तार हो चुका है, लेकिन केवल हाथीखेड़ा ग्राम पंचायत के अधीन हाथीखेड़ा कन्हाड़ी और तलाई गांव ही इससे वंचित थे।
ग्रामीणों की इस वर्षों पुरानी मांग को देखते हुए देवनानी ने जिला कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित और अजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) अक्षय गोदारा से बातचीत की। देवनानी की बात और ग्रामीणों की मांग से सहमति जताते हुए राजपुरोहित और गोदारा ने दो-तीन दिन में आदेश जारी करने का भरोसा दिलाया है। इसमें हाथीखेड़ा क्षेत्र की समस्त जमीन एडीए द्वारा ग्राम पंचायत को हस्तांतरित की जाएगी। हाथीखेड़ा में आबादी विस्तार होने के बाद ग्राम पंचायत क्षेत्र के अधीन दो सौ से पांच सौ मीटर तक ग्राम पंचायत द्वारा ग्रामीणों को पट्टे दिए जा सकेंगे।
देवनानी ने बताया कि हाथीखेड़ा में आबादी विस्तार की मांग वर्षों पुरानी है और उनके साथ ग्रामीण इसके लिए लंबे समय से संघर्षरत थे। अनेकों बार ना केवल ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर और एडीए आयुक्त को ज्ञापन दिए थे, देवनानी ने भी इन दोनों को पत्र लिखने के साथ-साथ राज्य सरकार को भी पत्र लिखे थे। लेकिन सरकार और प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही थी। हाथीखेड़ा में आबादी विस्तार होने और ग्राम पंचायत को प्रशासन गांवों के संग अभियान के दौरान ग्रामीणों को पट्टे देने से ना केवल आमदनी होगी, बल्कि ग्रामीण भी अपने आशियाने के पट्टे मिल जाने से हमेशा के लिए निश्चिंत हो जाएंगे। यही नहीं, अब अन्य गांवों की तरह हाथीखेड़ा में भी विकास कार्य तेजी से हो सकेंगे। हाथीखेड़ा के शंकरसिंह रावत, महेंद्रसिंह रावत, शमशेर सिंह रावत, वीरेंद्रसिंह रावत, नंदूसिंह रावत, बलवीरसिंह रावत, मनोहर सिंह रावत आदि आबादी विस्तार के लिए देवनानी ने लगातार संपर्क बनाए हुए थे। इन लोगों ने रविवार को भी देवनानी से मुलाकात की थी।