मित्तल हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जन डॉ सिद्धार्थ वर्मा ने की सर्जरी
अजमेर, 28 दिसम्बर()। मित्तल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर अजमेर के न्यूरो सर्जन डॉ सिद्धार्थ वर्मा ने 20 वर्षीय युवक के पिट्यूटरी ट्यूमर का दूरबीन से सफल ऑपरेशन किया।
डॉ सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि युवक सिर में दर्द रहने, दिखाई कम देने, दायी ऑंख की पलक का पूरा न खुल पाने आदि की शिकायत के साथ मित्तल हॉस्पिटल में उपचार के लिए पहुंचा था। रोगी की तकलीफ और उम्र को देखते हुए उन्हें दूरबीन से सर्जरी की सलाह दी गई। रोगी और उनके परिवारजनों की सहमति पर रोगी के नाक के रास्ते से दूरबीन द्वारा ऑपरेशन कर ट्यूमर को निकाल दिया गया। रोगी को उपचार के बाद हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई है। रोगी अब ठीक है।
इस ऑपरेशन में मित्तल हॉस्पिटल के नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ रचना जैन, एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ राजीव पांडे, ओटी स्टाफ मुकेष एवं भगवान का सराहनीय सहयोग रहा।
डॉ वर्मा ने बताया कि रोगी के रोग का समय रहते पता चलने से उपयुक्त उपचार मिल सका अन्यथा रोगी का जीवन मुश्किल हो सकता था।
नाक के पीछे मस्तिष्क के बीच में होती है
उन्होंने बताया कि पिट्यूटरी ग्रंथि एक अंतष्स्त्रावी ग्रंथि होती है जो हमारे शरीर में नाक के पीछे मस्तिष्क के बीच में स्थित होती है। यह शरीर में विकास और मेटाबोलिज्म को नियंत्रित करने के लिए हार्मोन बनाती है। हार्मोनों के असंतुलित होने से विकास अवरुद्ध हो जाता है। उन्होंने बताया कि कैंसर या ट्यूमर की स्थिति में इस ग्रंथि को निकालना काफी मुष्किल हो जाता है। अगर दवा या किसी अन्य उपचार से ट्यूमर ठीक न हो पाए तो इस स्थिति में पिट्यूटरी ग्रंथि को निकाला ही जाता है।
गौरतलब है कि मित्तल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर अजमेर में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से युक्त ओटी एवं सभी सुपरस्पेशियलिटी सेवाओं में दक्ष व कुषल चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम उपलब्ध है जो गुणवत्तापूर्ण उपचार का भरोसा बढ़ाती है।
मित्तल हॉस्पिटल केन्द्र व राज्य सरकार (आरजीएचएस) एवं रेलवे कर्मचारियों एवं पेंशनर्स, भूतपूर्व सैनिकों(ईसीएचएस), ईएसआईसी द्वारा बीमित कर्मचारियों तथा सभी तरह के टीपीए द्वारा उपचार के लिए अधिकृत है। रोगियों को एक ही छत के नीचे सभी तरह की चिकित्सा सेवाएं उनके वहन करने योग्य कीमतों पर मुहैया कराई जा रही हैं।