चारण समारोह 2022 शनिवार 11 जून को

चारण साहित्य शोध संस्थान अजमेर में होगा वृहद् साहित्य समारोह
गुजरात राजस्थान से सुप्रसिद्ध साहित्यकार विद्वानों कि उपस्थिति विभिन्न सत्रों में होगी साहित्यिक चर्चा
एतिहासिक ग्रंथ महाभारत रूपक एवं चारण चमत्कार का होगा विमोचन

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अजमेर. 10 जून। चारण साहित्य शोध संस्थान अजमेर में प्रतिवर्ष होने वाले वार्षिक समारोह के अन्तर्गत चारण समारोह 2022 शनिवार 11 जून को प्रातः 11 बजे से चार सत्रों में आयोजित किया जाएगा। जिसमें उदघाटन सत्र के साथ पुस्तकों का विमोचन राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में जोड़ने की आवश्यकता पर परिचर्चा एवं प्रस्ताव व संगोष्ठी ‘‘चारण साहित्य में स्वातंत्र्य चेतना’’ विषय पर आयोजित की जाएगी व चारण साहित्य प्रकाशन एवं आउवा सत्याग्रह इतिहास पर चर्चा की जाएगी।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि श्री सी.डी. देवल सा. (अध्यक्ष, अखिल भारतीय चारण गढ़वी महासभा), अध्यक्षता श्री सुरेन्द्र सिंह जाडावत (अध्यक्ष, राज. धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण) विशिष्ट अतिथि श्री देव कोठारी (पूर्व अध्यक्ष राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी), श्री पुष्पदान गढ़वी (पूर्व सांसद, कच्छ भुज), श्री भंवर सिंह सांदू, श्री भवानी सिंह पालावत (सदस्य, राजस्व मंडल, अजमेर), स्वागत भाषण श्री भंवर सिंह चारण (अध्यक्ष, चारण सा. शो. संस्थान) द्वारा किया जाएगा।
पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में संपादक पùश्री चन्द्र प्रकाश देवल द्वारा संपादित सांवलदान आशिया कृत, महाभारत रूपक, व संपादक ओंकार सिंह लखावत द्वारा संपादित मुंशी देवी प्रसाद गुप्त कृत ‘चारण चमत्कार’ का विमोचन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में श्री मनोज मीसण का राजस्थानी शब्दकोस आॅनलाइन करने पर अभिनंदन किया जाएगा।
राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में जोड़ने की आवश्यकता पर परिचर्चा एवं प्रस्ताव पारित करने के लिए सत्र संचालन डाॅ. राजेन्द्र बारहठ द्वारा व अध्यक्षता- प्रो. हाकम दान (पूर्व कुलपति, तकनिकी वि. बीकानेर), मुख्य वक्ता- डाॅ. अर्जुन देव चारण (उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय नाटक विद्यालय, नई दिल्ली), विशिष्ठ वक्ता श्री पवन पहाड़िया, श्री लक्ष्मण दान कविया, श्री भरत ओला, श्री पृथ्वीराज रत्नू, श्री गोकुल दान मालासी।
‘‘चारण साहित्य में स्वातंत्र्य चेतना’’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन भी रखा गया है। जिसमें सत्र संचालन- डाॅ. गजादान चारण, अध्यक्षता पùश्री सूर्यदेव सिंह, मुख्य वक्ता-पùश्री डाॅ.चन्द्र प्रकाश देवल, प्रो. रूप सिंह बारहठ (पूर्व कुलपति, महर्शि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर), विशिष्ठ वक्ता डाॅ. अम्बादान रोहड़िया (राजकोट), डाॅ. प्रकाश अमरावत, श्री विष्णु सिंह लखावत वक्ता रहेगे। चारण साहित्य प्रकाशन एवं आउवा सत्याग्रह इतिहास पर चर्चा की जाएगी। जिसमें अध्यक्षता डाॅ. गिरधर दान रत्नू, पùश्री डाॅ.चन्द्रप्रकाश देवल, श्री ओंकार सिंह लखावत (पूर्व सांसद), श्री सवाई सिंह मेहडू (अध्यक्ष – सत्याग्रह उद्यान समिति, आउवा), समारोह में विषय अनुसार अन्य पधारे हुए विद्वानों का भी मार्गदर्शन प्राप्त होगा। राज्यभर से चारण समाज के बन्धू इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

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