कर्म बड़ा ईमानदार होता है – मुनि संकल्प सागर जी महाराज

श्री दिगंबर जैन मुनि संघ सेवा जागृति मंच के तत्वाधान में चल रहे मुनि श्री संकल्प सागर जी महाराज मुनि श्री सद्भाव सागर जी महाराज के पावन चतुर्मास एक कार्यक्रम के तहत प्रवचन सभा में आज मुनि श्री संकल्प सागर जी महाराज ने कहा कि कर्म सबसे अधिक इमानदार होता है कर्म किसी के साथ पक्षपात नहीं करता जैसा कर्म करते हैं वैसा ही फल मिलता है इसलिए कर्म से ज्यादा इमानदार कोई नहीं है हमें कर्म करते वक्त विचार करना चाहिए कि इस कर्म का दुष्परिणाम या परिणाम क्या होगा

संसार में मनुष्य की स्थिति कर्म प्रधान है अगर कर्म की व्यवस्थाओं को हम समझ ले तो हमसे गलती नहीं होगी हम स्थिरता के साथ आगे बढ़ पाएंगे

णमोकार महामंत्र अनुष्ठान में आज णमोकार महामंत्र का जाप किया गया एवं उसके पूर्व णमोकार चालीसा का पाठ भी किया गया मुनि श्री सद्भाव सागर जी महाराज ने जैन आगम से संबंधित तथ्यों को बड़ी सहजता से समझाया

नित्य प्रतिदिन प्रातः 8:15 मुनि श्री के प्रवचन विद्यासागर तपोवन में हो रहे हैं

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