
देवनानी ने कहा की छात्र संघ चुनाव कराने की मांग को लेकर प्रदेश भर में छात्र शक्ति आंदोलन कर रही है लेकिन सरकार पर उसका कोई असर नहीं पड़ रहा । उल्टा अपने अधिकारों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रवृत्ति पर सरकार पुलिस का सहारा लेकर डंडों से पिटवा रही है। छात्र संघ चुनाव करवाने के लिए तमाम छात्र संगठन एक जाजम पर आ चुके हैं जिसमें कांग्रेस समर्थित विचारधारा के छात्र संगठन भी शामिल है। देवनानी ने कहा कि छात्र संघ चुनाव राजनीति का पहला पायदान है और यही से होकर आगे चलकर राजनीतिक दलों को नेता मिलते हैं सरकार चुनाव रद्द कर कर छात्र राजनीति में एक शून्य पैदा करना चाह रही है।
देवनानी ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले होने वाले छात्र संघ चुनाव सरकार के लिए लिटमस टेस्ट के रूप में है और इसीलिए सरकार काफी घबराई हुई है क्योंकि पिछले साढे 4 साल में युवाओं के लिए खास तौर पर सरकार ने कुछ भी नहीं किया पेपर लीक की घटनाओं ने सरकार पर से युवाओं का भरोसा उठा दिया तो वही बेरोजगारी भत्ते का वादा भी सरकार पूरा नहीं कर पाई। ऐसे में प्रदेश का युवा वर्ग सरकार के खिलाफ मां बन चुका है। देवनानी ने कहा कि बेशक सरकार छात्रसंघ चुनाव स्थगित कर कुछ समय के लिए राहत की सांस ले ले लेकिन यह युवा वर्ग विधानसभा चुनाव में सरकार को सबक सिखा देगा।
विकास कार्यों में भी सरकार कर रही तुष्टिकरण की नीति = देवनानी
अजमेर 17 अगस्त। पूर्व शिक्षा राज्य मंत्री और अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी ने एक बार फिर राज्य सरकार पर विकास कार्यों में तुष्टिकरण की नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिन 131 सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण गुरुवार को किया गया उसमें भी भेदभाव की नीति अपनाई गई। देवनानी ने बताया अजमेर शहर की केवल एक ही सड़क को शामिल किया गया है। उन्होनें बताया कि 131 सड़कों में तारागढ़ एप्रोच रोड पर चौड़ाइकरण नवीनीकरण के लिए स्वीकृत 8 करोड़ की लागत से सड़क निर्माण का शिलान्यास किया गया जबकि उससे पहले से मरम्मत की बाट जोह रही शहर की अधिकांश सड़कों की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान नहीं गया। यहां तक की एलिवेटेड रोड के नीचे से गुजरने वाली शहर की प्रमुख सड़कों का भी हाल लंबे समय से बेहाल है।
देवनानी ने कहा कि शहर की प्रमुख सड़क लंबे समय से टूटी-फूटी हुई है । अग्रसेन चौराहा से आगरा गेट रोड़, मदार गेट से अग्रसेन सर्किल, पंचशील क्षेत्र ककी सड़के हरिभाऊ उपाध्याय की सड़क, सिनेवर्ल्ड चौराहे से मंगलम फ्लेट तक की सड़क, वार्ड 62 की इन्दिरा कॉलोनी की सड़के आदि शहर की प्रमुख सड़के है जिसका हाल बेहाल है। जिसके चलते इन टूटी-फूटी सड़कों पर आए दिन छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं जिसमें कई लोग मामूली तो कुछ गंभीर रूप से जख्मी भी हो चुके हैं। लेकिन तुष्टिकरण की नीति का चश्मा पहनी इस संवेदनशील सरकार पर कोई भी असर नहीं पड़ रहा। मुख्यमंत्री गहलोत संवेदनशील पारदर्शी और जवाब दे शासन देने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुए हैं।
देवनानी ने कहा की शहर की अधिकांश सड़के मरम्मत के लिए पहले ही स्वीकृत हो चुकी है लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हो पाया। देवनानी ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी जुलाई महीने में दरगाह बाईपास संपर्क सड़क के लिए 29 लख रुपए स्वीकृत कर वहां निर्माण शुरू कर दिया गया लेकिन शहर की अन्य सड़कों की शुद्ध अभी तक नहीं दी जा रही है। देवनानी ने आरोप लगाया कि सरकार विकास कार्यों में भी तुष्टिकरण की नीति अपना रही है। समुदाय विशेष को उपकृत करने के लिए हिंदुओं के ऊपर प्रहार किया जा रहे हैं । उनके मंदिर तोड़े जा रहे हैं, धार्मिक यात्राओं पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। देवनानी ने बताया कि चामुंडा माता मंदिर वाली सड़क जो पिछले दिनों भूस्खलन के चलते क्षतिग्रस्त हो गई थी उसका भी पुनर्निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ है। उन्होने कहा कि चामुण्डा माता मन्दिर जाने वाली सड़क बजट घोषणा 2023-24 स्वीकृत हो चुकी है। उसका कार्य अभी तक प्रारम्भ नही हुआ है। देवनानी ने कहा कि विधानसभा में बजट घोषणा के अनुसार जिन सड़कों की वित्तीय स्वीकृति जारी हो चुकी है उनका भी निर्माण कार्य विभाग की ओर से अभी तक नहीं किया गया है।