अजमेर।
अजमेर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि. की ज्वलंत समस्याओं को लेकर श्री रामचन्द्र चौधरी अध्यक्ष अजमेर डेयरी के नेतृत्व में महामहिम राज्यपाल श्री हरिभाऊ किशनराव बागड़े, माननीय मुख्यमंत्री महोदय राजस्थान सरकार, डेयरी मंत्री श्री जोराराम कुमावत तथा प्रशासक एवं प्रबन्ध संचालक, आरसीडीएफ को विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन के पश्चात डेयरी मंत्री से अध्यक्ष श्री रामचन्द्र चौधरी की महत्वपूर्ण वार्ता हुई, जिसमें सहकारी दुग्ध संघों से जुड़े कई अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
डेयरी मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने अध्यक्ष श्री रामचन्द्र चौधरी को अवगत कराया कि राजस्थान में सरस घी की मांग अत्यधिक है तथा उत्पादन अपेक्षाकृत कम है, इसलिए घी को प्राथमिकता देना आवश्यक है। हालांकि संघ की आर्थिक स्थिति को संतुलित रखने के लिए व्हाइट बटर का उत्पादन किया जाएगा, लेकिन यह घी की तुलना में अधिक नहीं होगा। इसी क्रम में राज्य सरकार द्वारा सरस घी की विक्रय दर में ₹20 प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है, जिससे दुग्ध संघों को आर्थिक मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर अध्यक्ष श्री रामचन्द्र चौधरी ने सहकारी संघों एवं आरसीडीएफ में लंबे समय से रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती की मांग रखी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कमी के कारण संघों का संचालन प्रभावित हो रहा है। इस पर डेयरी मंत्री ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है और शीघ्र ही रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, जिससे संघों का कार्य सुचारू रूप से चल सकेगा।
अध्यक्ष श्री रामचन्द्र चौधरी ने सहकारी समितियों के लंबित चुनावों का मुद्दा भी उठाया और कहा कि कई समितियों का कार्यकाल पूर्ण हो चुका है। समय पर चुनाव कराना सहकारिता को मजबूत करेगा और पारदर्शिता बनाए रखेगा। डेयरी मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने इस संबंध में शीघ्र कार्रवाई कर चुनाव प्रक्रिया पूर्ण कराने का आश्वासन दिया।वार्ता के दौरान अध्यक्ष श्री रामचन्द्र चौधरी ने मिड-डे-मील एवं आंगनबाड़ी योजना के अंतर्गत अजमेर दुग्ध संघ की 66 करोड़ रुपये की बकाया राशि का विषय प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि भुगतान में देरी के कारण संघ को बैंकों से ऋण लेना पड़ रहा है और भारी ब्याज का बोझ उठाना पड़ रहा है। इस पर डेयरी मंत्री ने लंबित भुगतान शीघ्र कराने का भरोसा दिलाया।
उल्लेखनीय है कि ज्ञापन में बताया गया कि अजमेर दुग्ध संघ द्वारा पिछले एक वर्ष में मिड-डे-मील एवं आंगनबाड़ी योजनाओं के अंतर्गत लगभग 100 करोड़ रुपये का दुग्ध पाउडर सप्लाई किया गया है, जिसमें से 66 करोड़ रुपये का भुगतान अब तक लंबित है। इसके बावजूद संघ ने दुग्ध उत्पादकों को यथासंभव समय पर भुगतान बनाए रखा।
अध्यक्ष श्री रामचन्द्र चौधरी ने यह भी बताया कि कोरोना काल, लम्पी बीमारी, अतिवृष्टि, चारे की कमी और फसलों के नुकसान जैसी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद पशुपालकों ने संघ पर भरोसा बनाए रखा और दुग्ध आपूर्ति निरंतर जारी रखी।
अजमेर दुग्ध संघ में 8 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता का प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित है। दुग्ध उत्पादकों को राहत देने के उद्देश्य से 21 नवंबर 2025 से 10 रुपये प्रति फैट की दर वृद्धि लागू की गई, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वर्तमान में संघ में औसतन 5.25 लाख लीटर प्रतिदिन दुग्ध संकलन हो रहा है, जो गत वर्ष की तुलना में लगभग 32 प्रतिशत अधिक है।
अध्यक्ष श्री रामचन्द्र चौधरी ने बताया कि संघ ने चालू वित्तीय वर्ष में लगभग 8 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि घी को प्राथमिकता देते हुए सीमित मात्रा में व्हाइट बटर उत्पादन से संघ की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ बनी रहेगी और दुग्ध उत्पादकों को उचित व स्थायी मूल्य मिल सकेगा।
अध्यक्ष श्री रामचन्द्र चौधरी ने महामहिम राज्यपाल, राज्य सरकार एवं डेयरी मंत्री श्री जोराराम कुमावत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सहकारी संस्थाएं लाभ कमाने के लिए नहीं, बल्कि पशुपालकों के हितों की रक्षा के लिए कार्य करती हैं। सरकार के सकारात्मक निर्णयों से सहकारी दुग्ध क्षेत्र और अधिक मजबूत होगा। संघ का खरीद मूल्य यथावत बना रहेगा।