अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित कर ऐतिहासिक आना सागर झील को बचाने का पुरजोर आवाहन किया गया। प्रेस वार्ता में राजस्थान उच्च न्यायालय एवं एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई।
प्रेस वार्ता में कहा गया कि आना सागर की खुदाई के दौरान निकाली जा रही मिट्टी के कारण पर्यावरण, जलजीवों, प्रवासी पक्षियों एवं मछलियों के प्राकृतिक आवास को गंभीर नुकसान पहुंचने की आशंका है। साथ ही यह भी मांग की गई कि आना सागर झील के मूल स्वरूप एवं वास्तविक क्षेत्रफल को वैज्ञानिक एवं ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर स्पष्ट रूप से चिन्हित करने के बाद ही आगे के सभी कार्य किए जाएं।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि आना सागर केवल एक झील नहीं बल्कि अजमेर की पहचान संस्कृति पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर है। इसके संरक्षण के लिए न्यायालय एवं एनजीटी के निर्देशों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता को सुरक्षित रखते हुए ही किसी भी प्रकार के विकास कार्य किए जाने चाहिए।
अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रशासन एवं संबंधित विभागों से मांग की कि आना सागर के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाए ताकि इस ऐतिहासिक धरोहर का अस्तित्व सुरक्षित रह सके।