अजमेर। अजमेर सरस डेयरी के अध्यक्ष श्री रामचंद्र चौधरी ने राज्य की मौजूदा ‘पर्ची सरकार’ पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि यह सरकार पिछले छह माह से गहरी ‘कुम्भकर्णी नींद’ में सो रही है। एक तरफ सरकार अपने कार्यकाल के भ्रामक और ‘कपोल कल्पित’ गीत गा रही है, अखबारों में माननीय मुख्यमंत्री की शक्ल के आधे-आधे पन्नों के विज्ञापन छापे जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर जनता और अन्नदाता भारी कष्ट भुगत रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि यह पर्ची सरकार पूरे 6 माह बाद ही जागेगी।
‘न नौ मन तेल होगा, न राधा नाचेगी’: पूर्व कांग्रेस सरकार करती थी अग्रिम भुगतान :-
श्री चौधरी ने कड़ा रोष जताते हुए बताया कि राज्य की पर्ची सरकार ने पिछले छह माह से दुग्ध उत्पादकों के मुख्यमंत्री दुग्ध संबल योजना के करीब 40 करोड़ रुपये अटका रखे हैं। इसी प्रकार, मिड-डे मील एवं पन्नाधाय योजना के पेटे भी अजमेर डेयरी का लगभग 55 करोड़ रुपये पिछले एक वर्ष से बकाया चल रहा है, जो सरकार नहीं दे रही है।
उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा, “जबकि पूर्व की कांग्रेस सरकार द्वारा मुख्यमंत्री दुग्ध संबल योजना के 5 रुपये प्रति लीटर अनुदान एवं मिड-डे मील योजना का अग्रिम भुगतान किया जाता रहा है। इस सरकार के काम करने केतरीके से तो यही कहावत चरितार्थ हो रही है कि ‘कब 9 मन तेल होगा और कब राधा नाचेगी।”
हर मोर्चे पर फेल सरकारः पंचायत, पेंशन और गौशालाएं सब राम भरोसे :-
डेयरी अध्यक्ष ने पत्रों के हवाले से स्पष्ट किया कि सिर्फ डेयरी ही नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में करोड़ों का भुगतान लंबित है:
* गौशाला संघों का अनुदान भी पिछले 6 माह से अधिक समय से बकाया है।
* ग्राम पंचायतों में विगत 6 माह से अधिक समय के कार्यों की बकाया राशि चल रही है, भुगतान पूरी तरह लंबित है।
* ग्रामीण क्षेत्र की वृद्धावस्था पेंशन भी 6 माह से अधिक समय से बकाया चल रही है।
* निजी चिकित्सालयों के इलाज का पैसा भी 6 माह से अधिक समय से अटका पड़ा है।
‘डबल इंजन’ की हकीकतः महंगाई मुंह बाए खड़ी है
केंद्र की मोदी सरकार (डबल इंजन) पर सीधा हमला बोलते हुए श्री चौधरी ने कहा कि हकीकत तो यह है कि मोदी सरकार ने नोटबंदी एवं GST लागू करके देश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह चौपट कर दिया है। इसी के फलस्वरूप आज देश में महंगाई एवं बेरोजगारी मुंह बाए खड़ी है। मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण तेल, गैस एवं पेट्रोल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जिससे भारत वर्ष की जनता कष्टों को झेल रही है।
राज्य के शिक्षा जगत, चिकित्सा, पंचायत, डेयरी क्षेत्र एवं अन्य विभागों में भरपूर मात्रा में पद रिक्त पड़े हुए हैं, जिससे जनता के कार्य समय पर सम्पन्न नहीं हो पा रहे हैं।
श्री चौधरी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2022-23 में राजस्थान दुग्ध उत्पादन में पूरे भारतवर्ष में प्रथम स्थान पर रह चुका है। लेकिन मौजूदा हालात देखकर लगता है कि अब न जाने कब राजस्थान दोबारा प्रथम स्थान ग्रहण करेगा?
यह इस सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।
अध्यक्ष का विशेष आग्रह और प्रमुख मांगें:-
अंत में श्री रामचंद्र चौधरी ने कहा कि “मुझे पूरा विश्वास है कि हमारी सरकार कुम्भकर्णी नींद से जागेगी एवं हमारे जिला संघों व दुग्ध उत्पादकों का बकाया भुगतान शीघ्र करेगी।”
उन्होंने सरकार से निम्न मांगे की हैं:
* बकाया का तुरंत भुगतान हो ताकि आने वाले मानसून में किसान खाद, बीज खरीद सकें और बुवाई समय पर कर सकें।
* राज्य सरकार किसानों को अच्छी क्वालिटी का खाद एवं बीज उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करे।
चल पशु चिकित्सा वाहनों में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले की तत्काल CBI (सीबीआई) जांच करवाकर दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलवाई जाए।