रक्तदान संवेदनशीलता, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचायक : प्रो. अग्रवाल

सेवा संकल्प अभियान के तहत MDSU में रक्तदान शिविर, 41 यूनिट रक्त संग्रहित
फार्मेसी विद्यार्थियों ने रैली के माध्यम से दिया ‘स्वस्थ समाज, सशस्त्र राष्ट्र’ का संदेश
अजमेर, 25 सितंबर। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती एवं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। स्वास्थ्य केंद्र, फार्मेसी विभाग, राष्ट्रीय सेवा योजना एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिविर में जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय, अजमेर के ब्लड बैंक की टीम ने 41 यूनिट रक्त संग्रहित किया।

शिविर से पूर्व फार्मेसी दिवस के अवसर पर फार्मेसी विभाग के विद्यार्थियों ने ‘Rx’ के माध्यम से स्वास्थ्य एवं औषधि जागरूकता का संदेश देते हुए ‘स्वस्थ समाज, सशस्त्र राष्ट्र’ के उद्देश्य से जनचेतना रैली निकाली। कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया।

रक्तदान शिविर का उद्घाटन करते हुए कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि रक्तदान केवल जीवन बचाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशीलता, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचायक है। रक्त की प्रत्येक बूंद जरूरतमंद के जीवन में आशा का संचार कर सकती है। उन्होंने रक्तदाताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का भाव ही ऐसे आयोजनों की वास्तविक शक्ति है।

फार्मेसी शिक्षा में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि फार्मेसी अब केवल औषधि-केंद्रित न रहकर रोगी-केंद्रित हो गई है। प्रत्येक व्यक्ति पर किसी औषधि का प्रभाव समान हो, यह आवश्यक नहीं है, इसलिए रोगी की व्यक्तिगत आवश्यकताओं, औषधियों के प्रभाव एवं संभावित दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए निरंतर शोध आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा का परस्पर गहरा संबंध है तथा सेवा के संस्कार से जुड़ी शिक्षा ही सार्थक शिक्षा है।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं विश्वविद्यालय प्रबंध बोर्ड के सदस्य प्रो. दिग्विजय सिंह ने भारतीय ज्ञान परंपरा में उपलब्ध चिकित्सा संबंधी समृद्ध ज्ञान का उल्लेख करते हुए प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धतियों पर आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से और अधिक शोध किए जाने की आवश्यकता बताई।

मुख्य वक्ता जेएलएन मेडिकल कॉलेज, अजमेर के डॉ. सौरभ जैन ने प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया निगरानी (Adverse Drug Reaction Monitoring) के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से दवाओं के अवांछित प्रभावों के अवलोकन, पहचान एवं रिपोर्टिंग में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय, अजमेर के ब्लड बैंक की टीम ने डॉ. जेऊ शैफायेर के नेतृत्व में रक्त संग्रहण किया। इस दौरान विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय परिवार में रक्तदान को लेकर उत्साह देखने को मिला। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ने स्वागत भाषण में स्वास्थ्य केंद्र की सेवाओं एवं सुविधाओं की जानकारी दी।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. रोहिणी अग्रवाल ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रो. मोनिका भटनागर ने प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर वित्त नियंत्रक श्रीमती नेहा शर्मा, प्रो. मोनिका भटनागर, प्रो. सुभाष चंद्र, प्रो. अरविंद पारीक, डॉ. आशीष पारीक, डॉ. लारा शर्मा, डॉ. अशोक गुप्ता, डॉ. प्रदीप माथुर, डॉ. नितिन शर्मा, डॉ. असीम जयंती सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

डॉ. राजू शर्मा
प्रभारी, स्वास्थ्य केंद्र

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