ब्यावर। श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति द्वारा संचालित श्री वर्द्धमान कन्या महाविद्यालय में विज्ञान विभाग की ओर से वाइल्ड लाइफ वीक का शुभारंभ किया गया। सप्ताहभर चलने वाले इस आयोजन के माध्यम से छात्राओं को वन्यजीव संरक्षण, पशु-पक्षियों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा पारिस्थितिक संतुलन के महत्व से अवगत कराया जा रहा है।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल वन्यजीवों के प्रति जानकारी प्रदान करना ही नहीं, बल्कि छात्राओं में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और संरक्षण की भावना विकसित करना भी रहा।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ दीपाली लाल, सेवानिवृत्त प्रोफेसर, सनातन धर्म राजकीय महाविद्यालय ब्यावर ने छात्राओं को संबोधित करते हुए वन्यजीव संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनुष्य और प्रकृति का संबंध सदियों पुराना है और प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में वन्यजीवों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने छात्राओं को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनने तथा अपने आसपास के पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. आर.सी. लोढ़ा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। उन्होंने कहा कि आज पर्यावरणीय असंतुलन, वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में कमी और बढ़ते मानवीय हस्तक्षेप जैसी चुनौतियां हमारे सामने हैं।
श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति के मंत्री डॉ. नरेन्द्र पारख ने कहा कि प्रकृति ने मनुष्य को जीवन के लिए आवश्यक सभी संसाधन दिए हैं, इसलिए प्रकृति और उसके जीव-जंतुओं का संरक्षण हमारी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ अपने परिवार और समाज में भी पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण का संदेश पहुंचाएं।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को बताया गया कि वन्यजीवों का संरक्षण केवल जंगलों और अभयारण्यों तक सीमित विषय नहीं है। हमारे आसपास मौजूद पक्षी, छोटे जीव-जंतु और अन्य प्राणी भी पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जैव विविधता का संरक्षण स्वस्थ पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए आवश्यक है।
कार्यक्रम ने छात्राओं को यह समझने का अवसर दिया कि प्रकृति का संतुलन तभी कायम रह सकता है, जब मनुष्य और वन्यजीवों के बीच सह-अस्तित्व की भावना बनी रहे। विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित यह पहल छात्राओं में पर्यावरणीय जागरूकता के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक होने की भावना को भी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में सामने आई।
कार्यक्रम में विज्ञान विभाग के व्याख्याता कोमल गुप्ता, पंकज शर्मा, सुरेंद्र सिंह, सुनीता कुमारी, रजनी एव छात्राए उपस्थित रही ।