भक्ति, परंपरा और संस्कृति के संगम में छात्राओं ने बिखेरे उत्साह के रंग
माँ दुर्गा की आराधना, गरबा की थिरकन और रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा की छटा… कुछ ऐसे ही मनमोहक नज़ारों के बीच श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति द्वारा संचालित वर्द्धमान गर्ल्स स्कूल, ब्यावर में नवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में गरबा उत्सव हर्षोल्लास एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। माँ दुर्गा के जयकारों से विद्यालय परिसर गूंज उठा और चारों ओर भक्ति, उमंग एवं उल्लास का वातावरण छा गया।
उत्सव के दौरान छात्राओं ने पारंपरिक परिधानों में सजकर गरबा एवं डांडिया नृत्य की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं। संगीत की मधुर लय पर थिरकते कदमों और उत्साह से भरे चेहरों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। रंग-बिरंगे परिधानों, पारंपरिक नृत्य और माँ दुर्गा के प्रति अटूट श्रद्धा ने पूरे आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया। छात्राओं की प्रस्तुतियों में भारतीय संस्कृति की समृद्धि, लोक परंपराओं की सुंदरता और सामूहिक उत्सव की जीवंत झलक देखने को मिली।
*प्रधानाचार्य ने दिया शक्ति, साहस और नारी सशक्तीकरण का संदेश*
विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविंद कुमार नाहर ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि शक्ति, साहस, सकारात्मकता और नारी सशक्तीकरण का प्रतीक है। माँ दुर्गा का स्वरूप हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और जीवन में सदैव सत्य एवं सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने छात्राओं को माँ दुर्गा के आदर्शों से प्रेरणा लेकर जीवन में साहस, सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
भक्ति की ऊर्जा, परंपराओं की गरिमा और गरबा की मनमोहक थाप के साथ संपन्न यह उत्सव विद्यालय के लिए आनंद और सांस्कृतिक गौरव का यादगार अवसर बना। इस आयोजन ने संदेश दिया कि जब शिक्षा के साथ संस्कार और संस्कृति का संगम होता है, तो विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास और भी सशक्त बनता है।