उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल में 02 अक्टूबर 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे ‘विशेष अभियान 6.0’ ( स्पेशल कैंपेन 6.0) के अंतर्गत कार्यालयों और रेलवे परिसरों को कबाड़ मुक्त एवं स्वच्छ बनाने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अनुपयोगी सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) की पहचान कर उनका नियमानुसार निस्तारण करना है, ताकि पर्यावरण का संरक्षण हो सके और कार्यालयों में उपलब्ध स्थान का बेहतर एवं प्रभावी उपयोग किया जा सके।
अभियान के तहत मंडल के विभिन्न प्रमुख विभागों द्वारा ई-वेस्ट और अनुपयोगी उपकरणों के प्रबंधन के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।
सिग्नल एवं दूरसंचार (S&T) विभाग में विभाग द्वारा पुराने एवं अनुपयोगी सिग्नल व दूरसंचार उपकरणों की पहचान कर उनका सूचीकरण किया गया है। इसके अंतर्गत पुराने टेलीफोन, एक्सचेंज, केबल और अन्य संचार उपकरणों को पृथक कर विभागीय अभिलेखों के अनुसार सुरक्षित निस्तारण की प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित हो रहा है।
मेडिकल विभाग में रेलवे अस्पताल परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से अनुपयोगी मेडिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की पहचान की गई है। संवेदनशील और खराब हो चुके चिकित्सा उपकरणों को सामान्य कचरे से अलग (पृथक्करण) कर विभागीय एवं पर्यावरणीय नियमों के अनुसार निस्तारित किया जा रहा है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के साथ-साथ सुरक्षित पर्यावरण के प्रति रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इलेक्ट्रिकल विभाग में विद्युत विभाग द्वारा पुराने पंखे, खराब लाइट फिटिंग, एलईडी/फ्लड लाइट और अनुपयोगी केबल जैसी विद्युत सामग्रियों का सूचीकरण और पृथक्करण किया गया है। विभागीय नियमों के तहत इनका निस्तारण कर कार्यस्थलों को स्वच्छ बनाया जा रहा है और खाली हुए स्थान का सदुपयोग किया जा रहा है।
ई-वेस्ट को सामान्य कचरे में मिलाने के बजाय उचित और वैज्ञानिक प्रक्रिया से निस्तारित करना एक सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘विशेष अभियान 6.0’ के माध्यम से न केवल कार्यस्थलों के वातावरण में सकारात्मक सुधार आया है, बल्कि एक सुरक्षित, व्यवस्थित और तकनीक-सक्षम रेलवे के निर्माण की दिशा में संसाधनों का जिम्मेदार उपयोग भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
मुख्य जनसंपर्क निरीक्षक, अजमेर मंडल