श्री वर्द्धमान कन्या महाविद्यालय में अंगदान जागरूकता के लिए स्लोगन एवं पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित

छात्राओं ने रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से दिया जीवन बचाने और अंगदान के प्रति जागरूकता का संदेश

ब्यावर। श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति द्वारा संचालित श्री वर्द्धमान कन्या महाविद्यालय, ब्यावर में स्लोगन एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय अंगदान – “जुग-जुग जियो” रखा गया। इसमें छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता, कलात्मक अभिव्यक्ति और प्रभावशाली संदेशों के माध्यम से अंगदान के महत्व को प्रस्तुत किया।

प्रतियोगिता के दौरान छात्राओं ने पोस्टर एवं स्लोगन के माध्यम से बताया कि अंगदान एक महान मानवीय पहल है, जिसके माध्यम से जरूरतमंद लोगों को नया जीवन देने में सहायता मिल सकती है। प्रस्तुतियों में अंगदान के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने, मानवीय संवेदनाओं को प्रोत्साहित करने तथा समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्राओं को सामाजिक सरोकारों से जोड़ना और उन्हें अंगदान के महत्व के प्रति जागरूक बनाना रहा।

प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका व्याख्याता सुरेंद्र सिंह चौहान एवं रजनी ने निभाई। निर्णायकों ने छात्राओं की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन उनकी रचनात्मकता, विषय की समझ और संदेश की प्रभावशीलता के आधार पर किया।

प्रतियोगिता के परिणामों में प्रथम स्थान बी.एससी. द्वितीय वर्ष की रिदम चौहान, द्वितीय स्थान बी.एससी. प्रथम वर्ष की पूजा चौहान तथा तृतीय स्थान बी.एससी. प्रथम वर्ष की सलोनी खंडेलवाल ने प्राप्त किया।

इस अवसर पर श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति के मंत्री डॉ. नरेंद्र पारख ने कहा कि अंगदान मानवता की सेवा का उत्कृष्ट माध्यम है। अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना हम सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है। छात्राओं के माध्यम से इस संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां युवाओं में संवेदनशीलता, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर.सी. लोढ़ा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि छात्राओं को सामाजिक एवं मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूक बनाना भी है। अंगदान जैसे जीवनदायी विषय पर आयोजित प्रतियोगिताएं छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के साथ-साथ उन्हें समाजहित में कार्य करने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे जागरूकता के इस संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं ने यह संदेश दिया कि अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाकर समाज में जीवन बचाने की भावना को मजबूत किया जा सकता है। इस प्रकार की शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियां छात्राओं को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग बनाने और मानवीय मूल्यों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

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