जब परीक्षा व्यवस्था स्वयं परीक्षा में असफल होने लगे ?
रात के दो बजे हैं। देश के किसी छोटे शहर में एक विद्यार्थी अभी भी जाग रहा है। मेज पर खुली हुई पुस्तकें हैं, दीवार पर समय-सारिणी चिपकी है और मोबाइल फोन महीनों से लगभग निष्क्रिय पड़ा है। घर के बाकी सदस्य सो चुके हैं, पर उसकी आँखों में नींद नहीं, भविष्य है। वह अकेला नहीं है। भारत … Read more