आईआईएम संबलपुर ने एससी-एसटी उद्यमियों के लिए बिजनेस एक्सेलेरेटर कार्यक्रम की मेजबानी की आईआईएम संबलपुर ने बिजनेस एक्सेलेरेटर कार्यक्रम के माध्यम से एससी-एसटी उद्यमियों को सशक्त बनाया आईआईएम संबलपुर ने एससी-एसटी एक्सेलेरेटर कार्यक्रम के माध्यम से समावेशी उद्यमिता को बढ़ावा दिया आईआईएम संबलपुर ने जमीनी स्तर के उद्यमियों को पोषित करने के लिए नेशनल एससी-एसटी हब के साथ साझेदारी की 20 जनवरी, 2026 | संबलपुर: आईआईएम संबलपुर, भारत के प्रमुख प्रबंधन संस्थानों में से एक, ने 19 से 24 जनवरी, 2026 तक नेशनल एससी-एसटी हब, एमएसएमई मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से एससी-एसटी उद्यमियों के लिए 6-दिवसीय बिजनेस एक्सेलेरेटर कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाना है, जिसके अंतर्गत एससी-एसटी उद्यमियों को आवश्यक व्यावसायिक, वित्तीय एवं डिजिटल कौशल प्रदान कर उनकी क्षमता का निर्माण और उन्नयन किया गया। यह पहल विकसित भारत 2047 की परिकल्पना और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप है। कार्यक्रम में प्रो. महादेव जायसवाल, निदेशक, आईआईएम संबलपुर; श्री सम्बित त्रिपाठी, पूर्व-आईआरएस, सीएमडी, लाइवलीहुड अल्टरनेटिव्स (मुख्य अतिथि); डॉ. अनुपम गयेन, जोनल हेड, एनएसआईसी (विशिष्ट अतिथि); तथा सुश्री निबेदिता नायक, पूर्व अध्यक्ष, ओडिशा राज्य सामाजिक कल्याण बोर्ड (मुख्य वक्ता) की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह कार्यक्रम कुल 12-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें आईआईएम संबलपुर परिसर में 6 दिनों के ऑन-कैंपस सत्र तथा 6 दिनों का ऑनलाइन शिक्षण शामिल है। इसके पश्चात प्रतिभागी उद्यमियों को 6 महीनों का हैंडहोल्डिंग समर्थन प्रदान किया जाएगा। बिजनेस एक्सेलेरेटर कार्यक्रम के पहले समूह में ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र से कुल 25 प्रतिभागी शामिल थे। कार्यक्रम के दूसरे समूह की शुरुआत फरवरी 2026 में होगी, जिसमें वर्चुअल वीकेंड सत्रों के माध्यम से 72 घंटे का हाइब्रिड लर्निंग अनुभव तथा आईआईएम संबलपुर में 6-दिवसीय ऑन-कैंपस मॉड्यूल शामिल होगा। प्रो. महादेव जायसवाल, निदेशक, आईआईएम संबलपुर ने कहा, “आईआईएम संबलपुर का उद्देश्य उद्यमशील मानसिकता वाले जिम्मेदार नेताओं का निर्माण करना है। उद्यमिता केवल स्वयं के लिए संपत्ति सृजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज, राष्ट्र और पृथ्वी के लिए मूल्य निर्माण की प्रक्रिया है। केवल बड़ी कंपनियों के निर्माण से विकसित भारत की परिकल्पना साकार नहीं हो सकती; इसके लिए आवश्यक है कि हम जमीनी स्तर पर ऐसे जिम्मेदार उद्यमियों को प्रोत्साहित करें, जो पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना और समुदायों को विस्थापित किए बिना नवाचार करें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप, उद्यमिता को ज्ञान सृजन, नवाचार और जिम्मेदार संपत्ति निर्माण पर केंद्रित होना चाहिए।” मुख्य अतिथि श्री सम्बित त्रिपाठी ने कहा,“मजबूत व्यावसायिक योजनाओं का विकास, विचारों का परिष्कार, क्षमता निर्माण, तथा यह समझ कि हम क्या उत्पादन करते हैं, क्या उपभोग करते हैं और किस प्रकार संवाद करते हैं—ये सभी तत्व उद्यमिता में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।” विशिष्ट अतिथि सुश्री निबेदिता नायक ने कहा, “आईआईएम संबलपुर ज्ञान, आकांक्षा और राष्ट्र-निर्माण के संगम पर खड़ा है। मैं इस संस्थान को ऐसे कार्यक्रम की शुरुआत के लिए बधाई देती हूँ, जो केवल एक शैक्षणिक पहल नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय उपलब्धि है। आज एससी-एसटी उद्यमिता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि समावेशी विकास अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि एक आर्थिक आवश्यकता बन चुका है।” इस पहल के माध्यम से आईआईएम संबलपुर ने एक बार फिर समावेशी, सतत एवं नवाचार-आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया है, जिसके तहत एससी-एसटी उद्यमियों को अपने उद्यमों के विस्तार, स्थानीय रोजगार सृजन तथा भारत के जमीनी स्तर के आर्थिक विकास में योगदान देने हेतु सहयोग प्रदान किया जा रहा है। आईआईएम संबलपुर के बारे में: आईआईएम संबलपुर देश के प्रमुख प्रबंधन संस्थानों में से एक है और अपनी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए व्यापक रूप से जाना जाता है। लगभग 200 एकड़ भूमि में फैला आईआईएम संबलपुर का भव्य और दर्शनीय स्थायी … Read more