व्हाट्सएप निमंत्रण : सुविधा के साथ संवेदना भी जरूरी
–बाबूलाल नागा समय के साथ समाज बदला है और उसके साथ बदल गया है हमारे आपसी संवाद का तरीका भी। एक दौर था जब शादी-ब्याह, गृह प्रवेश या किसी अन्य पारिवारिक कार्यक्रम का निमंत्रण स्वयं घर आकर दिया जाता था। वह कार्ड केवल सूचना नहीं होता था, बल्कि रिश्तों की औपचारिक अभिव्यक्ति होता था। दो शब्दों … Read more