नृत्य अंतर्मुखी व्यक्तित्व को निखारता है : “नृत्य-तरंग”

जयपुर । कला मंजर सोसाइटी एवं हैंड्स टुगेदर द्वारा श्रीनिर्मल विवेक स्पेशल स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में, अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस के उपलक्ष्य में “नृत्य-तरंग” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सौम्या गुर्जर (मेयर, जयपुर नगर निगम – ग्रेटर) ने विशेष रूप से शोभा बढ़ाई। विशिष्ट अतिथि के … Read more

आलिया भट्ट के ब्रांड ‘एड-अ-माम्मा’ का बेंगलुरु में पहला स्टोर लॉन्च

रिलायंस रिटेल के साथ पार्टनरशिप में भारत में चौथा स्टोर   बेंगलुरु, 30 अप्रैल 2025: फिल्म अभिनेत्री आलिया भट्ट द्वारा प्रमोटेड, बच्चों और माताओं के लिए कपड़े और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट बनाने वाले ब्रांड ‘एड-अ-माम्मा’ ने बेंगलुरु में अपना पहला स्टैंडअलोन स्टोर खोला है। दक्षिण भारत में ब्रांड का यह पहला स्टोर है पर देश भर में … Read more

डोटासरा की पहल पर रामचंद्र चौधरी ने गोपालकों की आवाज़ बुलंद की

अजमेर। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादन संबल योजना के तहत किसानों और पशुपालकों को दी जाने वाली ₹5 प्रति लीटर अनुदान राशि विगत सात माह से लंबित है। इस पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भाजपा सरकार गोपालकों और किसानों के हितों की अनदेखी कर … Read more

अजमेर डेयरी से बूथ संचालकों को दोहरी सौगात: प्रति लीटर 10 पैसे की बढ़ोतरी और 5 लाख तक बीमा कवर

अजमेर, 30 अप्रैल 2025: अजमेर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी ने बूथ संचालकों, शॉप एजेंसी एवं पार्लर संचालकों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। 1 मई 2025 से दूध बिक्री पर मिलने वाला कमीशन 1.50 रुपये से बढ़ाकर 1.60 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। यह वृद्धि सीधे … Read more

कांग्रेसी नेता रलावता ने राठौर के निधन पर किया गहरा शोक व्यक्त

अजमेर ! राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे महेंद्र सिंह रलावता ने आज अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव वीरेंद्र सिंह राठौर के करनाल स्थित निवास स्थान पर पहुंचकर उनके पिता हरियाणा पंजाब बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह राठौर के आकस्मिक निधन पर … Read more

पुष्कर के फीडरों में जमा मिट्टी और गंदगी को बाहर निकलवाने का आग्रह

 शहरी रोजगार में केवल मिट्टी के इधर से उधर ढेर लगाएं जा रहे है। मजदूर तेज गर्मी से परेशान, न मौके पर पीने का पानी न छाया की व्यवस्था ? मौके से जानकारी लेकर सम्पूर्ण स्थिति से श्री मान उप खंड अधिकारी जी को अवगत कराया गया। पुष्कर सरोवर में बरसाती जल लाने के लिए … Read more

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने पूरे भारत में सड़क सुरक्षा के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता की पुष्टि की

बैंगलोर, अप्रैल 2025 : एक सुरक्षित और अधिक जिम्मेदार मोबिलिटी इकोसिस्टम बनाने के अपने विज़न के अनुरूप, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) ने देश भर में संरचित पहल के माध्यम से सड़क सुरक्षा को आगे बढ़ाने के लिए अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता दोहराई है। टीकेएम के प्रयास जागरूकता, शिक्षा और नवाचार तक फैले हुए हैं, जो अपने व्यापक सड़क सुरक्षा कार्यक्रमों के माध्यम से 10 लाख से अधिक व्यक्तियों पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। टोयोटा की सुरक्षा प्रतिबद्धता के केंद्र में टोयोटा सुरक्षा शिक्षा कार्यक्रम (टीएसईपी) है, जो 2007 में सरकारी और निजी स्कूलों के 5वीं से 9वीं कक्षा तक के बच्चों के बीच सड़क सुरक्षा जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई एक प्रमुख पहल है। “सड़क सुरक्षा – मेरा अधिकार, मेरी जिम्मेदारी” थीम के तहत, यह पहल एक सिद्ध एबीसी दृष्टिकोण–जागरूकता, व्यवहार परिवर्तन और अभियान के जरूरी माध्यम से युवा दिमाग को सशक्त बनाती है। स्किट, पोस्टर–मेकिंग और रोड सेफ्टी क्लब जैसे आकर्षक प्रारूपों का उपयोग करके, प्रतिभागियों के बीच जागरूकता का स्तर काफी बढ़ गया है। महत्वपूर्ण सड़क सुरक्षा ज्ञान को स्थापित करने में कार्यक्रम के प्रभावी होने को रेखांकित करता है। टीएसईपी ने आज तक 9,29,288 छात्रों के बीच पहुँच बनाई है। इसे वित्त वर्ष 23 से 140 स्कूलों में 1643 प्रशिक्षित शिक्षकों का समर्थन प्राप्त है। यह तीन–वर्षीय हस्तक्षेप मॉडल का अनुसरण करता है जो निरंतर जारी रहता है। चरण 1 : वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान बैंगलोर में कार्यान्वित किया गया तथा अंतिम चरण वित्तीय वर्ष 2025-26 में समाप्त होगा। चरण 2 : इस समय यह वित्त वर्ष 2024-25 में बैंगलोर, दिल्ली और मुंबई में चल रहा है। उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम में बच्चों से लेकर समुदाय तक के मॉडल को अपनाया जाता है, जिसमें भाग लेने वाला प्रत्येक छात्र सड़क सुरक्षा राजदूत बन जाता है जो अपने घरों, पड़ोस और साथियों के समूहों में ज्ञान और सुरक्षित व्यवहारों का प्रसार करता है। यह लहर प्रभाव जिम्मेदार सड़क उपयोग के प्रति समुदाय–स्तर के दृष्टिकोण को बदलने में सहायक है। कार्यक्रम की गति को बैंगलोर, दिल्ली और मुंबई में वार्षिक भागीदारी के माध्यम से बनाए रखा जाता है। इसमें शिक्षकों और स्कूलों की सक्रिय भागीदारी द्वारा समर्थित दीर्घकालिक व्यवहारिक प्रभाव के लिए स्कूल पाठ्यक्रम में निरंतर एकीकरण होता रहता है। टीएसईपी का पूरक टोयोटा हैकाथॉन है, जो युवाओं के नेतृत्व वाला एक नवाचार मंच है। यह 7वीं से 12वीं कक्षा तक स्कूली छात्रों के बीच रचनात्मक सोच और समाधान–निर्माण को बढ़ावा देता है। वास्तविक दुनिया की सड़क सुरक्षा चुनौतियों को हल करने के लिए डिज़ाइन की गई यह पहल विभिन्न क्षेत्रों के 77,200 छात्रों तक पहुँच चुकी है। दिल्ली, मुंबई और बैंगलोर में आयोजित इस हैकाथॉन ने स्कूल ज़ोन सुरक्षा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स एकीकरण, समावेशी बुनियादी ढाँचा और ट्रैफ़िक प्रवाह प्रबंधन को कवर करते हुए 350 से अधिक नवीन अवधारणाएँ उत्पन्न की हैं। प्रतिभागी पाँच चरणों की यात्रा से गुजरते हैं – विचार से लेकर ऊष्मायन तक – विशेषज्ञ मार्गदर्शन और कार्यान्वयन योग्य प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए निरंतर जुड़ाव के साथ। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को न केवल समस्या समाधानकर्ता के रूप में बल्कि व्यापक सामाजिक व्यवहार और नीति सोच को प्रभावित करने वाले “परिवर्तन एजेंट” के रूप में तैयार करना है। प्रवर्तन और सामुदायिक शिक्षा का विस्तार करने के लिए टीकेएम ने पूरे इलाके में सात ट्रैफिक पार्कों की स्थापना का समर्थन किया है। इससे ऐसे प्रेरित वातावरण का निर्माण होगा जहां स्कूली बच्चे व्यावहारिक और आकर्षक तरीके से सड़क सुरक्षा नियमों और पैदल यात्रियों के व्यवहार के बारे में सीख सकेंगे। वाणिज्यिक चालकों की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानते हुए, मिजोरम में टीकेएम की सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य पहल ने स्थानीय प्रवर्तन और चिकित्सा टीमों के सहयोग से आयोजित संरचित जागरूकता और स्वास्थ्य जांच अभियानों के माध्यम से 800 चालकों को लाभान्वित किया है। इन सत्रों में सड़क अनुशासन, वाहन रख–रखाव और मानसिक स्वास्थ्य को शामिल किया गया है। कुल मिलाकर, इस कार्यक्रम से 7,822 व्यक्तियों को लाभ मिला है । यातायात निगरानी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए, मिजोरम में प्रमुख जंक्शन पर 34 स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) सिस्टम और 20 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इससे उल्लंघन में कमी आई है और अनुपालन को बढ़ावा मिला है। इन उपायों से अब 4 लाख से अधिक सड़क उपयोगकर्ताओं को लाभ मिल रहा है । कंपनी के निरंतर प्रयासों के बारे में बताते हुए, श्री विक्रम गुलाटी, कंट्री हेड और एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट – कॉर्पोरेट मामले और प्रशासन, ने कहा, “टोयोटा किर्लोस्कर मोटर में, सड़क सुरक्षा एक बुनियादी प्रतिबद्धता है जो जिम्मेदार गतिशीलता के हमारे दृष्टिकोण में गहराई से अंतर्निहित है। संरचित शैक्षिक कार्यक्रमों, लक्षित नवाचार और सार्थक सामुदायिक सहयोग के माध्यम से, हम स्कूली बच्चों और युवा इनोवेटर्स से लेकर ड्राइवरों तक विविध सड़क उपयोगकर्ताओं में सुरक्षा की संस्कृति को स्थापित करने का प्रयास करते हैं। हमारा समग्र दृष्टिकोण मापने योग्य प्रभाव के साथ स्थायी व्यवहार परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। हर कदम के साथ, हम भारत में शून्य सड़क दुर्घटनाओं के अपने दृष्टिकोण की दिशा में काम कर रहे हैं।“ टोयोटा की सड़क सुरक्षा पहल इसके वैश्विक 3-स्तंभ दृष्टिकोण पर आधारित … Read more

बिंदास कर्मचारी नेता थे श्री संतोष कुमार भावनानी

किसी जमाने में अजमेर नगर परिषद, जो कि अब नगर निगम है, में श्री संतोष कुमार भावनानी बहुत दमदार व बिंदास कर्मचारी नेता थे। हाल ही उनका देहावसान हो गया। उनका जन्म 2 नवंबर 1946 को सिंध-पाकिस्तान में श्री लाडिक दास भावनानी के घर हुआ। उन्होंने 1963 में आदर्श स्कूल से हायर सेकंडरी की परीक्षा … Read more

कर्मचारी नेता श्री संतोष कुमार भावनानी नहीं रहे

अजमेर। देहली गेट स्थित पूज्य लाल साहब मंदिर सेवा ट्रस्ट (झूलेलाल धाम) के उपाध्यक्ष श्री संतोष कुमार भावनानी का देहावसान हो गया है। ज्ञातव्य है कि उन्होंने अजमेर नगर निगम में सेवाएं दीं। वे बिंदास कर्मचारी नेता थे। सेवानिवृत्ति के बाद वे समाजसेवा करते रहे। पिछले काफी समय से वे अस्वस्थ थे। उनकी अंतिम यात्रा … Read more

सत्ताधीश पर जादू या मंत्र असर नहीं डालता?

दोस्तो, नमस्कार। वर्शों पहले मैने सुना था कि राजाओं, सत्ताधीषों और प्रशासनिक तंत्र के लिए काम करने वालों पर जादू या तंत्र-मंत्र का असर नहीं होता। इस बारे में विद्वानों से चर्चा की तो समझ में आया कि इसकी वजह क्या हो सकती है? अव्वल तो जादू-टोने के अस्तित्व पर ही सवाल खडे किए जाते … Read more

इंसान ही बनकर रहो।

इंसान अब कहां इंसान रहा वो तो अब बंट चुका है, कोई धर्म के नाम पर तो कोई जात-पात के नाम पर, कोई भविष्य निर्माण कर्ता बनकर तो कोई इंसानी ईश्वर बनकर। इंसान में अब कहां इंसानियत रही वह तो अब सम्पूर्ण बदल चुका है, एक-दूसरों से दूरियां बनाकर अपने अहंकार में रहकर, आपसी भेदभाव … Read more

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