शब्दों का संयमित प्रयोग ही सच्ची साधना
‘साधो! सबद साधना कीजे’ कार्यक्रम में हुआ पुस्तकों का विमोचन जयपुर। शब्द ब्रह्म है और इसकी सत्ता हर जगह है। शब्द की साधना निरंतर और उपयोग संयमित रूप से करना चाहिए। वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शारदा कृष्ण ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि शब्द साधना एक तरह का ज्ञान … Read more