भूमिगत जल से 90 फीसद यूरेनियम अलग करता है आरओ

roअमृतसर। रिवर्स ओस्मोसिस (आरओ) प्रणाली भूमिगत जल से 90 फीसद यूरेनियम को अलग कर देती है। एक ताजा अध्ययन में यह दावा किया गया है।

समय-समय पर बार्क और अन्य संस्थाओं के कराए गए सर्वे में पाया गया है कि पंजाब और उससे जुड़े हुए इलाकों में पेयजल में यूरेनियम की मात्रा अत्यधिक होती है।

गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार कुछ आरओ प्रणालिया पानी से 99 फीसद तक यूरेनियम अलग कर देती हैं। पंजाब के बठिंडा व मनसा जिलों में लगी आरओ प्रणालियों में पाया गया कि जल शोधन के दौरान ये भूमिगत जल से 90 फीसद तक यूरेनियम को अलग करती रही हैं। अमृतसर में किए शोध में पाया गया कि जल के जरूरी लवण जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम व पोटैशियम भी आरओ बड़े पैमाने पर पानी से अलग कर देते हैं। ये सभी घुलनशील लवणों को पानी से अलग कर देते हैं। पंजाब के कुछ जिलों से लिए जल के नमूने के अध्ययन के बाद बार्क ने पाया कि पानी में यूरेनियम की मात्रा 6 से 600 पीपीबी (प्रति बिलियन) रहती है। जबकि पानी में किसी भी हालत में यूरेनियम की मात्रा 60 पीपीबी से अधिक नहीं होनी चाहिए।

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