*पाप को छोड़े बिना पवित्रता नही : प्रियदर्शन मुनि*
संघनायक श्री प्रियदर्शन मुनि जी महारासा ने फरमाया कि जीव का लक्ष्य पवित्रता का है और पाप को छोड़े बिना पवित्र नहीं बना जा सकता है ।अरिहंत परमात्मा 18 दोषों से रहित है हमें भी 18 प्रकार के दोषों से, पापों से मुक्त बनना है ।18 पाप में पहला पाप है प्राणातीपात, यानी प्राणों का … Read more