अगर जनता को राहत न मिले तो फिर जन सुनवाईयों का तमाशा क्यों ?
यह बात किसी से ढकी छिपी नहीं हैं कि जिन समुदायों के लोग अपना वोट देकर राज बनाने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं,बाद में उनकी कोई भागीदारी नहीं रहती है.मान्यवर काशीराम ने एक नारा दिया था- “वोट हमारा राज तुम्हारा- नहीं चलेगा, नहीं चलेगा”.वे बिल्कुल सही थे.सवाल है कि जिन्होंने राज बनाया वे कहाँ है … Read more