पर उपदेश कुशल बहुतेरे !

यह पोस्ट मैं बहुत दुखी मन से लिख रहा हूँ कारण यह है की मैं देश के प्रधान मंत्री की आलोचना नहीं करना चाहता था परंतु सवाल यह कि क्या प्रधान मंत्री अभी भी इलेक्शन मोड में ही हैं क्योंकि जब वह किसान चैनल के लिए एक अदना से एड के लिए जाने माने फ़िल्मी … Read more

मतिभ्रम की ओर एक कदम ?

आज 19/7/2015 के अंग्रेजी दैनिक समाचार प11त्र हिन्दुस्तान में एक जाने माने पत्रकार संपादक रामचंद्र गुहा का एक लेख छपा है ! उन्होंने शिक्षा और सांस्कृति के क्षेत्र में हो रहे गिरावट के लिए प्रकाश डाला है ! वे एक जगह लिखते है की एक समय में जब “एक पत्रकार से अनोपचारिक वार्तालाप के अंतर्गत … Read more

सहमी सहमी सी टूटी फूटी बिखरी हुयी जिंदगियां

दो महीने पहले 14 मई 2015 को राजस्थान के नागौर जिले के डांगावास गाँव में प्रात्त 11 बजे गाँव की एक अवैध खाप पंचायत ने हमसलाह हो कर अमानवीय तरीके से अपने ही खातेदारी खेत में मकान बना कर रह रहे दलित परिवार पर निर्मम हमला कर दिया था ,जिसके चलते पांच दलित मारे गए … Read more

राहुल गांधी ने भी उछाला वसुंधरा-ललित का रिश्ता

17 जुलाई को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में कांग्रेसियों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उधर लंदन में ललित मोदी रिमोट का बटन दबता है और इधर राजस्थान सरकार कूदने लगती है। राजस्थान में वसुंधरा राजे की सरकार को भगोड़ा ललित मोदी ही चला रहा है। ललित मोदी और वसुंधरा के बीच … Read more

पिंजरे का तोता

अपने मित्र मुंशी इतवारी लाल जब नौकरी में थे यानि की सरकारी दफ्तर में बड़े बाबू थे ! तब वह बता रहे थे कि उनके पास जब कोई व्यक्ति अपना काम करवाने के लिए आता था तो। सबसे पहले तो वह उसका इतिहास भूगोल गहराई से समझ लेते थे उसके बाद उस व्यक्ति को यह … Read more

‘विश्व गुरु बनाने को नहीं दिया था वोट’

-अभय कुमार दुबे, प्रोफ़ेसर, सीएसडीएस, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए- जैसे ही यह ख़बर फैली कि भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने ‘अच्छे दिन’ लाने के लिए पच्चीस साल की माँग की है, वैसे ही भाजपा को सफ़ाई देनी पड़ गई. पार्टी ने फटाफट उनके भाषण का वीडियो जारी करके बताया कि … Read more

​व्यापक… व्यापमं….!!

-तारकेश कुमार ओझा- व्यापमं….। पहली बार जब यह शब्द सुना तो न मुझे इसका मतलब समझ में आया और न मैने इसकी कोई जरूरत ही समझी। लेकिन मुझे यह अंदाजा बखूबी लग गया कि इसका ताल्लुक जरूर किसी व्यापक दायरे वाली चीज से होगा। मौत पर मौतें होती रही, लेकिन तब भी मैं उदासीन बना … Read more

जातिगत जनगणना !

जसनसंख्या की गणना भी एक आवश्यक आयाम है जिससे सर्वजन की हितकारी योजना बनाने और क्रियानवित में बहुत सहायता मिलती ! लेकिन सरकार है कि इसमें भी राजनीती करने से बाज नहीं आ रही है । जब देश में सबकुछ जाति के नाम पर होता है तो सरकार को जातिगत जनगणना के आंकड़े सार्वजनिक करने … Read more

शिक्षा के मन्दीर के लुटेरे जन नायक

अगर हम अपनी पुरातन सभ्यता की ओर एक करवट ले तो हमे यह अवश्य ही अपने अल्प ज्ञान की खिडकी खुलती नजर आएगी । जब हमे यह ज्ञान होगा कि शिक्षा का स्तर शंकुचित होने पर भी कितना समृद्ध और व्यस्थित और सुचारु रूप से चलता था । जहां गुरू का स्थान ही सर्वोपरि होता … Read more

वसुंधरा राजे को हटाना हंसी-खेल नहीं

जैसी कि इन दिनों चर्चा है कि राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे आज हटीं, कल हटीं, फिर ये आया कि फिलहाल मामला टल गया है, ये बातें हैं, बातों का क्या? धरातल की सच्चाई इससे भिन्न है। हालांकि यह सही है कि आज भाजपा आलाकमान अमित शाह व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बहुत ताकतवर हैं और … Read more

उत्तर प्रदेश की बर्बर पुलिस

अखिलेश भैय्या । (वैसे तो आप भारत के सबसे बडे प्रदेश के सम्माननीय मुख्य मंत्री है )लेकिन आप हमसेछोटे है इसलिए भैय्या कह रहे है । यहाँ तक तो यह उचित माना जा सकता है कि। हमारे प्रदेश की पुलिस एकदम नकारा है क्योंकि जितना बडा प्रदेश है उतने हीबडे अपराध भी घटित होते रहते … Read more

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