गहराते जल-संकट से जीवन एवं कृषि खतरे में

मानवीय गतिविधियों और क्रिया-कलापों के कारण दुनिया का तापमान बढ़ रहा है और इससे जलवायु में होता जा रहा परिवर्तन अब मानव जीवन के हर पहलू के साथ जलाशयों एवं नदियों के लिए खतरा बन चुका है। जलवायु परिवर्तन का खतरनाक प्रभाव गंगा, सिंधु और ब्रह्मपुत्र सहित प्रमुख जलाशयों और नदी घाटियों में कुल जल … Read more

शादियों में भी छा रहा है सोशलमीडिया का जादू, तभी तो हल्दी, मेहंदी हो गई मोडिफाइड

सांसारिक जीवन में विवाह बंधन का भी विशेष महत्व है, जिसमें से लगभग हर व्यक्ति को गुजरना पड़ता है, जिसका वर्तमान परिदृश्य में क्या बदलाव आया है, और वो कहाँ तक योग्य है, वैसे शादी विवाह दो व्यक्ति एव दो परिवारों का सुखद मिलन है, जो दो परिवारों में खुशियाँ लेकर आता है! वर्तमान समय … Read more

दुनिया का सबसे महंगा चुनाव है गंभीर चुनौती

विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के लोकसभा चुनाव 2024 अनेक दृष्टियों से यादगार, चर्चित, आक्रामक एवं ऐतिहासिक होने के साथ-साथ अब तक का सबसे महंगा एवं दुनिया का सबसे खर्चीला चुनाव है। सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज की हालिया रिपोर्ट के अनुसार इस बार का चुनावी खर्च एक लाख बीस हजार करोड़ रुपये के खर्च … Read more

सोचिए आखिर इन सबका जिम्मेदार कौन …..?????

— सत्यम सिंह गर्गवंशी इस समय अपराधिक घटनाओं जैसे बलबा मारपीट, जबरन दूसरों की जमीनों पर कब्जा , सड़क हादसे, द्रुतगामी बाइक फोर व्हीलर भिडंत,दहेज हत्या, आत्महत्या जैसी संदिग्ध मौतों में इजाफा हुआ है। इसके साथ ही बलात्कार, छेड़खानी, छिनैती, महिलाओं युवतियों और छात्राओं को अगवा करके उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने वाली अप्रिय घटनाओं … Read more

जंग अब विश्व में नहीं, हथियारों में लगे

शांति के तमाम उपायों के बीच दुनियाभर में सैन्य खर्च, शस्त्रीकरण एवं घातक हथियारों की होड़ किसी खतरे की घंटी से कम नहीं। शस्त्रीकरण के भयावह दुष्परिणामाअें से समूचा विश्व भयाक्रांत है, हर पल आणविक हथियारों के प्र्रयोग को लेकर दुनिया डर के साये में जी रही है। इसीलिये आज अयुद्ध, निशस्त्रीकरण एवं शांति की … Read more

उन्नत जीवन का आधार है हनुमान भक्ति

हनुमान जयन्ती- 23 अप्रैल 2024 पर विशेष भगवान हनुमानजी को हिन्दू देवताआंे में सबसे शक्तिशाली माना गया है, वे रामायण जैसे महाग्रंथ के सह पात्र थे। वे भगवान शिव के ग्यारवंे रूद्र अवतार थे जो श्रीराम की सेवा करने और उनका साथ देने त्रेता युग में अवतरित हुए थे। उनको बजरंग बलि, मारुतिनंदन, पवनपुत्र, केशरीनंदन … Read more

पृथ्वी दिवस पर मेरे मन के भाव

*सबकी माँ -पृथ्वी* समेट के अपने आँचल में एक एक को पनाह देती है । वो *माँ पृथ्वी* ही तो है जो उफ़ ना किया करती है । हीरे मोती क़ीमती ज़ेवरात सब से सजी होती है । सागर ,नदियाँ ,तालाब जिसकी पहचान होती है । वो *माँ पृथ्वी* गंदे नालों को भी अपना लेती … Read more

*मतदाता मतदान से विमुख क्यों?*

-ऐसी कौनसी वजह है, जो इस बार मतदान प्रतिशत शेयर बाजार की तरह नीचे आ गया -जो हालात इस बार मतदान प्रतिशत कम रहने के लिए बताए जा रहे हैं, वे तो पिछले लोकसभा चुनावों के वक्त भी रहे थे -क्या महज 50-60 प्रतिशत मतदान से राजनेताओं, जनता के भाग्य विधाताओं और लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं का … Read more

महावीर के संदेश तब भी उपयोगी थे आज भी उपयोगी है – श्रमण डॉ पुष्पेन्द्र

जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी के 2623 वें जन्म कल्याणक (जयंती) के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए श्रमण डॉ पुष्पेन्द्र ने कहा है कि तीर्थंकर महावीर केवल जैनों के नहीं वरन सम्पूर्ण मानवता के भगवान हैं। महावीर उन्हीं लोगों के काम के हैं जो ज्योर्तिमयता में विश्वास रखते हैं। वे ही … Read more

भगवान महावीर हैं सार्वभौम धर्म के प्रणेता

भगवान महावीर की जन्म जयन्ती- 21 अप्रैल, 2024 सदियों पहले महावीर जनमे। वे जन्म से महावीर नहीं थे। उन्होंने जीवन भर अनगिनत संघर्षों को झेला, कष्टों को सहा, दुख में से सुख खोजा और गहन तप एवं साधना के बल पर सत्य तक पहुंचे, इसलिये वे हमारे लिए आदर्शों की ऊंची मीनार बन गये। उन्होंने … Read more

नेताओं के बिगड़े बोल पर सख्ती से नियंत्रण जरूरी

लोकसभा चुनाव का प्रचार उग्र से उग्रतर होता जा रहा है। जैसे-जैसे चुनाव की तिथियां नजदीक आती जा रही है, प्रचार-अभियान में नफरती सोच एवं हेट स्पीच का बाजार बहुत गर्म है। राजनीति की सोच ही दूषित एवं घृणित हो गयी है। नियंत्रण और अनुशासन के बिना राजनीतिक शुचिता एवं आदर्श राजनीतिक मूल्यों की कल्पना … Read more

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